Tuesday, July 4, 2017

कैथोलिक चर्च: बच्चों का बलात्कार करना पीडोफाइल ईसाई पादरियों की धार्मिक स्वतंत्रता है

🚩 *कैथोलिक चर्च: बच्चों का बलात्कार करना पीडोफाइल ईसाई पादरियों की धार्मिक स्वतंत्रता है*
जुलाई 4, 2017
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🚩जो सच होता है वो कभी छुपता नही है, देर सवेर बाहर आ ही जाता है, अधिकतर पादरी छोटे-छोटे बच्चों के साथ दुष्कर्म करते हैं फिर बोलते हैं कि हमने किया ही नही है लेकिन अब पादरी ने खुद सच्चाई बता ही दी ।
🚩एक कैथोलिक चर्च के उच्च पदस्थ पादरी का एक चौंकाने वाला बयान आया है, मिल्वौकी के Archdiocese (आर्चडियोज़) ने दावा किया है कि बाल यौन शोषण (बलात्कार) पादरियों के लिए एक "ईश्वर प्रदत्त (धार्मिक) स्वतंत्रता 'है।
🚩ये घिनौना वक्तव्य कार्डिनल टिमोथी दोलन ने दिया था, जब उसे पकड़ा गया था । चर्च की राशि को कथित तौर पर एक अलग न्यास में स्थानांतरित करते हुए , ताकि उस धन को पादरियों के बाल #शोषण #मुकदमों से बचाया जा सके ।
🚩मिल्वौकी के तत्कालीन आर्चबिशप टिमोथी डोलन द्वारा लिखित पत्र के अनुसार, मिल्वौकी के कैथोलिक आर्चडियोज ने पादरियों  के यौन शोषण के पीड़ितों द्वारा चलाये गए मुकदमों से अपने $ 55 मिलियन (साढ़े पांच करोड़ अमेरिकन डॉलर) #धन की रक्षा की मांग की, इसलिए उसने उन धन को आर्चडीओसीज के मकबरे और #कब्रिस्तानों की देखभाल के लिए स्थापित एक अलग #ट्रस्ट में स्थानांतरित कर दिया।
🚩एक बार जब यौन दुर्व्यवहार पीड़ितों ने एक दिवालियापन कार्यवाही में उन निधियों की मांग की, तो आर्चडीओसीज ने दावा किया कि उनको बच्चों के यौन उत्पीड़न की धार्मिक स्वतंत्रता है, इसलिए उनको यौन शोषण के पीड़ितों को क्षतिपूर्ति करने के लिए उस धन का उपयोग नहीं करना चाहिए।
🚩चर्च और राज्य के अनुसार, #मिल्वौकी #आर्चडीओसीज के खिलाफ लगे हुए आरोप विशेष रूप से भयावह हैं और उनमें45 पादरी शामिल हैं जिनपे लगभग 200 बहरे लड़कों के साथ #दुष्कर्म करने का आरोप है।
🚩थिंक प्रोग्रेस (एक #अमेरिकी राजनीतिक समाचार ब्लॉग ) के मुताबिक, मिल्वौकी आर्चडीओसीज ने दिवालियापन से बचाने के लिए $55 मिलियन धन को  पहले कब्रिस्तान और मकबरे के ट्रस्ट में डालकर सील कर दिया । फिर उन्होंने #धार्मिक #स्वतंत्रता के नाम पे अपना बचाव करने की कोशिश की ।
🚩चर्च यह दावा कर रहा है कि धन कब्रिस्तान और मकबरे के #ट्रस्ट में है, यदि वे उन लोगों के लिए भुगतान करने को मजबूर होते हैं जिनके जीवन को उन्होंने बर्बाद किया है, तो वे मृत लोगों को सेवा करने के अपने दायित्वों को पूरा करने में सक्षम नहीं होंगे।
🚩अगर यौन उत्पीड़न के शिकार या अन्य लेनदारों को इन निधियों से मुआवजा दिया जाता है, तो आर्चडीओसीज कहता है, "मिल्वौकी कैथोलिक #कब्रिस्तानों की शाश्वत देखभाल के लिए कोई धन नहीं बचेगा या तो अपर्याप्त धन होगा " और इस तरह आर्चडीओसीज का दावा है कि वो यह धार्मिक दायित्व को पूरा करने में असमर्थ होगा।
🚩लेकिन सातवें #सर्किट कोर्ट कई कारण बताता है कि धार्मिक आजादी आर्चडीओसी के लेनदारों और उसके पादरी के पीड़ितों के अधिकारों का उल्लंघन नहीं कर सकती है।
🚩अदालत ने फैसला सुनाया कि चर्चों को #सामाजिक सुरक्षा करो का भुगतान करने से बाहर निकलने का विकल्प नहीं मिलता - #सार्वजनिक हित धार्मिक स्वतंत्रता से पहले है।
🚩अदालत ने चेतावनी दी है कि पादरियों ने जिन बच्चों का यौन शोषण किया है उनको वित्तिय सहायता देनी पड़ेगी, #बच्चों का #यौन_शोषण करना धार्मिक स्वतंत्रता ऐसा कहकर छूट नही सकते हैं ।
🚩कैथलिक चर्च  कुकर्मों की पाठशाला व #सेक्स स्कैंडल का अड्डा बन गया है।
🚩ईसाई पादरी धर्मगुरु बनकर बैठे हैं और बच्चों के साथ दुष्कर्म करते हैं जब #अदालत उन पर जुर्म लगाती है तब बयान देते हैं कि बच्चों का यौन शोषण करने की धार्मिक स्वतंत्रता है ऐसे ईसाई के धर्मगुरु,लोगों का क्या भला करेंगे?
🚩धार्मिकता के नाम पर छोटे-छोटे बच्चों के साथ बलात्कार करना, दारू पीना, #मांस खाना, धर्म का पैसा शेयर बाजार में लगाना, लोगों का शोषण करना, कानून का पालन नही करना, समाज उत्थान कार्य नही करना ऐसे लोग भारत में भोले भाले #हिन्दुओं का #धर्मांतरण करवाते हैं और बोलते हैं कि ईसाई धर्म सबसे बड़ा धर्म है क्या यही बड़ा धर्म है???
🚩जो #मीडिया हिन्दू धर्म के पवित्र #साधु-संतों को बदनाम करता रहता है वो ईसाई पादरी के कुकर्म पर इसलिए चुप है कि उसको #वेटिकन सिटी से फंडिंग होता है ।
🚩आपको बता दें कि अभी हाल ही में #आस्ट्रेलिया की कैथोलिक चर्च ने #सेक्सुअल अब्यूज (बच्चों का यों शोषण) के मामले में करीब 21 करोड़ 20 लाख 90 हजार अमेरिकी डॉलर (1426 करोड़ रुपए) का हर्जाना दिया है।
🚩कन्नूर (कैरल) के कैथोलिक चर्च की एक  नन सिस्टर मैरी चांडी  ने #पादरियों और #ननों का #चर्च और उनके शिक्षण संस्थानों में व्याप्त व्यभिचार का जिक्र अपनी आत्मकथा ‘ननमा निरंजवले स्वस्ति’ में किया है कि ‘चर्च के भीतर की जिन्दगी आध्यात्मिकता के बजाय #वासना से भरी थी ।
🚩ईसाई धर्म के बारे में विदेशी सुप्रसिद्ध हस्तियों के उदगार
🚩मैं #ईसाई #धर्म को एक अभिशाप मानता हूँ, उसमें आंतरिक विकृति की पराकाष्ठा है । वह द्वेषभाव से भरपूर वृत्ति है । इस भयंकर विष का कोई मारण नहीं । ईसाईत गुलाम, #क्षुद्र और #चांडाल का पंथ है । - फिलॉसफर नित्शे
🚩दुनिया की सबसे बड़ी बुराई है #रोमन #कैथोलिक चर्च ।  - एच.जी.वेल्स
🚩मैंने पचास और #साठ वर्षों के बीच बाईबल का अध्ययन किया तो तब मैंने यह समझा कि यह किसी पागल का प्रलाप मात्र है । - थामस जैफरसन (अमेरिका के तीसरे राष्ट्र पति)
🚩बाईबल पुराने और दकियानूसी #अंधविश्वासों का एक बंडल है । बाईबल को धरती में गाड़ देना चाहिए और प्रार्थना पुस्तक को जला देना चाहिए । - जॉर्ज बर्नार्ड शॉ
🚩मैंने 40 वर्षों तक #विश्व के सभी बड़े धर्मो का अध्ययन करके पाया कि हिन्दू धर्म के समान पूर्ण, महान और #वैज्ञानिक धर्म कोई नहीं है । - डॉ. एनी बेसेन्ट
🚩 भारतवासी सावधान रहें !!
ऐसे धर्म विहीन पैसों के लालची, #कुकर्मी, #मांस भक्षी पादरियों के चक्कर में आकर धर्म परिवर्तन नही करें नहीं तो बाद में फिर पछताना पड़ेगा ।
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Monday, July 3, 2017

नरेंद्र मोदी से अपील, बिना सबूत जेल में बंद संत आसारामजी बापू को छोड़ दीजिये

बीजेपी विधायक की नरेंद्र मोदी से अपील, बिना सबूत जेल में बंद संत आसारामजी बापू को छोड़ दीजिये
जुलाई 3, 2017
गोवा : सनातन संस्था द्वारा किये गए छठे अखिल भारतीय हिन्दू अधिवेशन में तेलंगाना राज्य के गोशामहल निर्वाचन क्षेत्र के #बीजेपी #विधायक श्री. टी. राजासिंह ने बताया कि गौरक्षा के प्रति एवं धर्म सेवा के प्रति कई वर्षों से मेरी रुचि रही है, कई वर्षों से मैं लगातार कार्य करता आ रहा हूँ । हमारी जो हिन्दू #संस्कृति है उसका सर्वनाश करने के लिए एक तरफ से #इस्लामी लोग व एक तरफ से ईसाई लोग, इन दोनों ओर से हमारी संस्कृति का सर्वनाश किया जा रहा है और उसके ज्यादातर #जिम्मेदार हम लोग भी है क्योंकि अगर हम हमारी #संस्कृति को बचाने के लिए कार्य करेंगे तो ही हमारी संस्कृति बचेगी ।
t raja singh 

उन्होंने आगे बताया कि मैं तो संत आसारामजी बापू के चरणों को प्रणाम करता हूँ  क्योंकि बापूजी ने हमारी संस्कृति की रक्षा के लिए कई #गुरुकुलों व #स्कूलों का निर्माण किया है । मैं तो मेरे सारे #हिन्दू भाई-बंधुओं को यही प्रार्थना करूँगा कि अगर आप चाहते हो,धर्म की रक्षा हो, अगर आप चाहते हो संस्कृति की रक्षा हो तो कोई अपने बच्चों को क्रिश्चियन स्कूल में ना डाले, किसी कान्वेंट स्कूल में न डाले । जहाँ पर हमारी हिन्दू संस्कृति के विषय में बताया जाता है वहाँ अपने बच्चों को डाले ।
ये मैं सबसे प्रार्थना करना चाहता हूँ और साथ ही आज बड़े दुख के साथ मुझे ये कहना पड़ रहा है कि धर्म की रक्षा के लिए एवं धर्मातरण को रोकने के लिए संत आसाराम बापूजी ने कार्य किये हैं । #कांग्रेस की सरकार के समय पर सोनिया गांधी एवं उनके सभी सहयोगी गणों ने एक षड्यंत्र रचा क्योंकि लोग हिन्दू धर्म छोड़कर ईसाई धर्म अपना रहे थे पर जहाँ-जहाँ संत आसारामजी बापू गए वहाँ लाखों की संख्या में ईसाई बने हिंदुओं की पूर्ण रूप से  #घरवापसी कराई और हिन्दू धर्म की महिमा बताई ।
ये सोनिया गांधी से देखा न गया कि संत आसारामजी बापू द्वारा जो हिन्दू पूरी तरह से #कन्वर्ट हो चुके थे,धर्मांतरित हो चुके थे, उन्होंने फिर से हिन्दू #धर्म अपना लिया,
इससे उसकी सीट खतरें में आ गई  और कांग्रेस की मिलीभगत ने संत आसारामजी बापू को इस गंदे केस में फंसाया । जिससे उन्हें कुछ लेना देना नहीं,ऐसे केस में आसारामजी बापू को फंसाया गया ।
#राजा_सिंह जी ने आगे कहा कि आज कुल 4 साल हो चुके हैं। 4 साल से संत #आसारामजी बापू जेल में हैं।
ठीक है, उस समय कांग्रेस की सरकार थी । #सोनिया #गांधी की सरकार थी । उन्होंने षड्यंत्र करके फंसाया । लेकिन अभी तो भारतीय जनता पार्टी की सरकार है ।
और मैं भारतीय जनता पार्टी का विधायक होने से पहले एक #हिन्दू हूँ ।  मेरा #संकल्प है साधु संतों की रक्षा करना, हिन्दू संतों का मान सम्मान करना, अगर साधु संतों को किसी प्रकार की कठिनाई आये तो यथाशक्ति मैं उनके साथ खड़ा रहूंगा सबसे पहले हमारा यही कर्तव्य है ।
राजा_सिंह जी ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि, मैं हमारे #नरेन्द्र #मोदीजी से यही निवेदन करना चाहता हूँ कि #मोदीजी जो पिछले 4 साल से संत आसारामजी बापू और उनके बेटे, जो उस केस में इंवॉल्व नहीं हैं वो आज जेल में हैं ।  हमारे #साधु संत #जेल में हैं । केस में कुछ दम नहीं है, सिर्फ केस को लंबा खीचना, #बापूजी का मनोबल तोड़ना ऐसा #षड्यंत्र रचा जा रहा है । अब डेली पेशी होती है आप अगर डेली पेशी जल्द से जल्द करें तो मुझे विश्वास है कि #निर्दोष आएंगे हमारे आसारामजी बापू ।
राजा सिंह जी का अनुयायियों को संदेश :-
संत आसारामजी बापू के भक्तों को मैं एक निवेदन करना चाहता हूँ । प्रणाम करना चाहता हूँ उनके चरणों को, आप बस संतुलन न खोइये, संगठित रहिये, बुरा समय बस खत्म हो चुका है,अच्छा समय अब आने वाला है ।
जिस प्रकार से #साध्वी #प्रज्ञा #सिंह बिना किसी केस के, बिना किसी आरोप के, 9 साल यानी 9.5 साल बाद जेल से रिहा हो चुकी हैं उसी प्रकार से हमारे आसारामजी बापू निर्दोष साबित होंगे और फिर से वो हमारे बीच आएंगे। सबको आशीर्वाद देंगे ।
भगवान से प्रार्थना कीजिए । भक्ति में बहुत शक्ति होती है, साधना में बहुत शक्ति होती है, भगवान से बस प्रार्थना कीजिए कि #संत #आसाराम जी #बापूजी जल्द से जल्द जेल से छूट जाए ।
गौरतलब है कि पिछले साल भी मीडिया से बात-चीत करते समय राजा सिंह ने कहा था कि आज हमारे #नरेन्द्र #मोदीजी की हिंदुत्ववादी #सरकार है, लेकिन दुर्भाग्य की बात ये है कि हमारी सरकार आने के बाद भी आज संत आसारामजी बापू अंदर हैं। अब बहुत हो चुका संत आसारामजी बापू को जेल से बाहर लाने की आवश्यकता हैं। देश को ऐसे संत के मार्गदर्शन की आवश्यकता है ।
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Sunday, July 2, 2017

अपॉलो हॉस्पिटल के काले कारनामे और डॉक्टरों की लूट-पाट

🚩 *अपॉलो हॉस्पिटल के काले कारनामे और डॉक्टरों की लूट-पाट*
🚩वर्ष 2013 के एक शोध के मुताबिक दुनिया में हर साल करीब 4.3 करोड़ लोग असुरक्षित चिकित्सकीय देखरेख के कारण दुर्घटना का शिकार होते हैं । रिपोर्ट में पहली बार ये पता लगाने की कोशिश की गई थी कि चिकित्सीय भूल के कारण हुई दुर्घटना में कितने साल की मानवीय जिंदगी का नुकसान होता है ।
Apollo Exposed
🚩लेखक #आशीष झा ने बताया कि भारत में हर साल करीब 30 लाख साल की स्वस्थ जिंदगी #मेडिकल चूक का शिकार होती है ।
🚩1998 में #सुप्रीम कोर्ट ने डॉक्टर की लापरवाही मामले में कोलकाता के एक #अस्पताल को आदेश दिया था कि वो कुणाल साहा को एक मिलियन डॉलर्स का जुर्माना अदा करें । कुणाल की पत्नी अनुराधा की मृत्यु गुर्द की खराबी के कारण हुई थी । भारत में किसी अस्पताल के खिलाफ ये सबसे बड़ा जुर्माना है, लेकिन अभी भी शिकायतें कई हैं । लेकिन #सरकार सुनती नही है ।
🚩#स्वास्थ्य मामलों पर काम करने वाले प्रवीण डांग के मुताबिक हालांकि डॉक्टरों के खिलाफ शिकायतों पर कार्रवाई के लिए नियामक संस्था है, "डॉक्टर दूसरे डॉक्टरों पर कार्रवाई नहीं करना चाहते ।"
🚩प्रवीन डांग कहते हैं, "जब मैंने पहली बार एक डॉक्टर की शिकायत के लिए मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया को पत्र भेजा था तो उसका 15 दिनों में जवाब आ गया था । आज उस बात को तीन साल हो गए हैं । आज तक राज्य काउंसिल जांच पूरी नहीं कर पाई है।
🚩#भारत में #सरकारी स्वास्थ्य सुविधाएं खस्ताहाल होने के कारण निजी #अस्पतालों का 80 प्रतिशत बाजार पर कब्जा है । आरोप लग रहे हैं कि कानूनों के कमजोर क्रियान्वयन के कारण निजी अस्पतालों के जवाबदेही की भारी कमी है ।
🚩डॉक्टर अरुण गदरे और डॉक्टर अभय शुक्ला ने अपनी किताब ‘#डिसेंटिंग डायग्नोसिस’ में निजी #अस्पतालों के #भ्रष्टाचार का जिक्र किया है ।
🚩निजी अस्पतालों में पैसे हड़पने के लिए लोगों को बीमारी के नाम पर डराया जाता है, उन्हें वो टेस्ट करने को कहा जाता है या फिर उन पर वो सर्जरी और ऑपरेशन किए जाते हैं जिसकी कोई जरूरत नहीं होती। साथ ही उन्होंने डॉक्टरी पेशे में कमीशन के चलन की चर्चा की है, यानि डॉक्टरों की दवा कंपनियों या डायग्नोस्टिक सेंटरों के बीच कमीशन को लेकर सांठगांठ ।
🚩मार्च 2016 में अमरीका की '#प्रोपब्लिका' में छपी रिपोर्ट के अनुसार जिन डॉक्टरों को मेडिकल उद्योग से धन मिलता है वो कंपनी के ब्रैंड के पक्ष में दवाइयां लिखते हैं । जिन पांच को मेडिकल कंपनियों की ओर से सबसे ज्यादा धन मिला, उनमें से दो भारतीय मूल के थे।
🚩उधर डॉक्टर और #वकील #एमसी गुप्ता डॉक्टरी पेशे में #भ्रष्टाचार का कारण महंगी पढ़ाई और सरकार के नीम-हकीम के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने को जिम्मेदार ठहराते हैं । वो कहते हैं, "भारत में जहां स्वास्थ्य पर जीडीपी का मात्र 1.3 प्रतिशत खर्च होता है, वहां ऐसी हालत के लिए सरकार जिम्मेदार है ।"
🚩#आयुर्वेद की डॉक्टर #इंदु शर्मा यही कहती हैं ।
वर्ष 2015 में #नेशनल कंज्यूमर डिस्प्यूट्स रिड्रसेल कमीशन (#एनसीडीआरआसी) ने #शर्मा दंपत्ति को कथित डॉक्टरी चूक के लिए एक करोड़ का हर्जाना दिया ।
🚩#इंदु ने #दिल्ली के #इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल पर आरोप लगाया था कि वहां कथित डॉक्टरी चूक के कारण 1999 में उनके बच्ची #मानसिक विकलांगता का शिकार हुई ।अस्पताल ने फ़ैसले के खिलाफ़ #उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी है।
🚩इंदु कहती हैं, “मदद के अभाव में लोग अदालत जाने का सोच भी नहीं पाते । मैंने अपना पेशा छोड़ दिया । इस केस में मेरी पूरी ज़िंदगी बीत गई है ।”
🚩इंदु शर्मा के वकील और मेदांता अस्पताल से जुड़े मधुकर पांडे कहते हैं कि डॉक्टरी चूक को साबित करना सबसे मुश्किल है और #सुप्रीम कोर्ट ने इसके लिए मेडिकल बोर्ड के गठन की बात कही है ।
🚩आपको बता दें कि साउथ-ईस्ट दिल्ली स्थित मशहूर हॉस्पिटल अपोलो में गैरकानूनी तरीके से किडनी बेचने वाले 3 लोगों के अलावा 3 दलाल गिरफ्तार किए गए थे पुलिस ने बताया था कि डॉक्टरों की मदद से ही यह धंधा चल रहा था।
🚩पिछली साल अहमदाबाद अपोलो अस्पताल के ICU में मरीज 17 वर्षीय 12वीं की छात्रा को डॉक्टर रात को 2 बजे चेक करने के बहाने रेप करने की कोशिश करने लगा तब छात्रा ने चिल्लाया तब सब आसपास से लोग आ गए तो पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया ।
🚩वकील महेंद्र कुमार बाजपेई को चिंता है कि डॉक्टर द्वारा मरीजो से पैसा हड़पने और लापरवाही के कारण मरीज और डॉक्टर के बीच विश्वास तेज़ी से घट रहा है।
🚩रोहतक के #कलानौर इलाक़े में बिस्तर पर लेटी गायक  एक दिन में 2 लाख कमाने वाली 36 वर्षीय गीता बताती हैं, “डॉक्टर ने कहा, छोटा सा प्रोसीजर है, जल्द ही तू भागती फिरेगी । सात जुलाई 2008 को मेरा ऑपरेशन हुआ । #ऑपरेशन के बाद मेरे पैरों तले ज़मीन खिसक गई जब मुझे पता चला कि उन्होंने बिना बताए दोनों अंडाशय और बच्चेदानी निकाल ली ।” गीता आज तक सदमें में है । उनके पति ने उनको छोड़ दिया।  इलाज में सारी जमीन-जायदाद बिक गई
🚩तो अपने देखा डॉक्टर पैसो के लिए कितने हद तक गिर सकते है । अतः आप जहाँ तक हो सके #ऋषि #मुनियों द्वारा प्रेरित योगा , #प्राणायम करके #स्वस्थ रहे और कोई बीमारी हो तो #आयुर्वेदिक इलाज करवाये नही तो डॉक्टर आपकी भी जिंदगी खराब कर सकते है ।
🚩सभी को #स्वास्थ्य के सम्बन्ध में सजग-सतर्क रहना चाहिए एवं एलोपैथी छोड़कर अपनी #आयुर्वेदिक #चिकित्सा #पद्धति का लाभ लेना चाहिए।
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Saturday, July 1, 2017

रिपोर्ट में खुलासा : देश-विदेशों में चल रही है हिंदुओं काक्ष नामोनिशान मिटाने की साजिश

रिपोर्ट में खुलासा : देश-विदेशों में चल रही है हिंदुओं काक्ष नामोनिशान मिटाने की साजिश

जुलाई 1, 2017 
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पाकिस्तान, बांग्लादेश, मलेशिया, भूटान, श्रीलंका अफगानिस्तान में रह रहे हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों पर एक भयंकर रिपोर्ट आई है ।

सर्वधर्म समभाव और वसुधैव कुटुंबकम को जीवन का आधार मानने वाले हिंदुओं की स्थिति उन देशों में काफी बदतर है जहां वे अल्पसंख्यक हैं। सबसे ज्यादा खराब स्थिति दक्षिण एशिया के देशों में रह रहे हिंदुओं की है।

 दक्षिण एशियाई देश-बांग्लादेश, भूटान, पाकिस्तान और श्रीलंका के साथ-साथ फिजी, मलेशिया, त्रिनिदाद-टौबेगो में हाल के वर्षो में हिंदू अल्पसंख्यकों के खिलाफ अत्याचार के मामले बढ़े हैं। इनमें जबरन मतांतरण, यौन उत्पीड़न, धार्मिक स्थलों पर आक्रमण, सामाजिक भेदभाव, संपत्ति हड़पना आदि शामिल है। कुछ देशों में राजनीतिक स्तर पर भी हिंदुओं के साथ भेदभाव की अनेक शिकायतें सामने आई हैं ।

एक सर्वोच्च हिन्दू अमेरिकी संस्था की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान और बांग्लादेश जैसे देशों में जहां हिन्दू अल्पसंख्यक हैं वहां उन्हें हिंसा, सामाजिक उत्पीड़न और अलग-थलग होने का सामना करना पड़ रहा है। 

द हिन्दू अमेरिका फाउंडेशन (एचएएफ) ने दक्षिण एशिया में हिंदुओं और प्रवासियों पर अपनी वार्षिक रिपोर्ट में कहा कि, समूचे दक्षिण एशिया और दुनिया के अन्य हिस्सों में रह रहे हिन्दू अल्पसंख्यक विभिन्न स्तरों के वैधानिक और संस्थागत भेदभाव, धार्मिक स्वतंत्रता पर पाबंदी, सामाजिक पूर्वाग्रह, हिंसा, सामाजिक उत्पीडन के साथ ही आर्थिक और सियासी रूप से हाशिये वाली स्थित का सामना करते हैं।

अमेरिकी राजधानी में पिछले सप्ताह की शुरुआत में जारी हुई रिपोर्ट में कहा गया, ‘‘हिन्दू महिलाए खास तौर पर इसकी चपेट में आती हैं और बांग्लादेश तथा पाकिस्तान जैसे देशों में अपहरण और जबरन धर्मांतरण जैसे अपराधों का सामना करती हैं। कुछ देशों में जहां हिन्दू अल्पसंख्यक हैं वहां राज्यतर लोग भेदभावपूर्ण और अलगाववादी एजेंडा चलाते हैं जिसके पीछे अक्सर सरकारों का मौन या स्पष्ट समर्थन होता है।’’

अपनी रिपोर्ट में एचएएफ ने अफगानिस्तान, बांग्लादेश, मलेशिया और पाकिस्तान को हिन्दू अल्पसंख्यकों के मानवाधिकारों का भीषण उल्लंघनकर्ता माना है। भूटान और श्रीलंका की पहचान गंभीर चिंता वाले देशों के तौर पर की गयी है। रिपोर्ट में भारतीय राज्य जम्मू कश्मीर को भी इसी श्रेणी में रखा गया है।

बांग्लादेश : आपको बता दें कि  बांग्लादेश जब से स्वतंत्र हुआ है, तब से आज तक वहां  15 लाख से अधिक हिन्दुआें की हत्या की गई है । हिन्दू लड़कियों का अपहरण कर अत्याचार किए जाते हैं ।  अभी तक बांग्लादेश के 3 हजार 336 मंदिर तोड़े गए हैं ।  पिछले वर्ष अज्ञात शरारती तत्वों द्वारा 15 मंदिरों और 20 से अधिक मकानों में तोड़फोड़ की गई और आग लगा दी गई। इस हमले के बाद कई हिन्दू परिवार अपने मकानों को छोड़कर चले गए और दूसरे क्षेत्रों में शरण ले ली ।

बांग्लादेश ने वेस्टेड प्रापर्टीज रिटर्न [एमेंडमेंट] बिल 2011 को लागू किया है, जिसमें जब्त की गई या मुसलमानों द्वारा कब्जा की गई हिंदुओं की जमीन को वापस लेने के लिए क्लेम करने का अधिकार नहीं है। इस बिल के पारित होने के बाद हिंदुओं की जमीन पर कब्जा करने की प्रवृति बढ़ी है और इसे सरकारी संरक्षण भी मिल रहा है। इसका विरोध करने वाले मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और पत्रकारों पर भी जुल्म ढाए जाते हैं। इसके अलावा हिंदू इस्लामी कट्टरपंथियों के निशाने पर भी हैं। उनके साथ मारपीट, दुष्कर्म, अपहरण, जबरन मतांतरण, मंदिरों में तोड़फोड़ और शारीरिक उत्पीड़न आम बात है। अगर यह जारी रहा तो अगले 25 वर्षो में बांग्लादेश में हिंदुओं की आबादी ही समाप्त हो जाएगी।

पाकिस्तान : पाकिस्तान में गैर-मुस्लिमों के साथ दोयम दर्जे का व्यवहार हो रहा है। स्कूलों में इस्लाम की शिक्षा दी जाती है। गैर-मुस्लिमों, खासकर हिंदुओं के साथ असहिष्णु व्यवहार किया जाता है।  हिंदू युवतियों और महिलाओं के साथ दुष्कर्म, अपहरण की घटनाएं आम हैं। उन्हें इस्लामिक मदरसों में रखकर जबरन धर्मतांरण का दबाव डाला जाता है। गरीब हिंदू तबका बंधुआ मजदूर की तरह जीने को मजबूर है। हिंसक हमले भी किये जाते है । अभी कुछ दिन पहले ही पाकिस्तान के थार जिले में एक नाबालिग हिन्दू लड़की का कथित तौर पर अपहरण करके उसका धर्मांतरण करा दिया गया। 

श्रीलंका : श्रीलंका में 30 वर्ष पूर्व वहां हिन्दुआें की संख्या 30 प्रतिशत थी, जो अब घटकर 15 प्रतिशत हो गई है । वहां गरीब हिन्दुआें को आर्थिक प्रलोभन देकर योजनाबद्ध पद्धति से उनका धर्मपरिवर्तन किया जा रहा है । सिंहली बहुल श्रीलंका में भी हिंदुओं के साथ दोयम दर्जे का व्यवहार होता है। पिछले कई दशकों से हिंदुओं पर हमले हो रहे हैं। हिंसा के कारण उन्हें लगातार पलायन का दंश झेलना पड़ रहा है। हिंदू संस्थानों को सरकारी संरक्षण नहीं मिलता है। सरकारी नौकरियों और अन्य सरकारी सहायता से वंचित है। हिंदू संस्थाओं के साथ और हिंदू त्यौहारों के दौरान हिंसा होती है।

भूटान : बहु-धार्मिक, बहु-सांस्कृतिक और बहुभाषी देश कहे जाने वाले भूटान में भी हिंदुओं के खिलाफ अत्याचार हो रहा है। 1990 के दशक में दक्षिण और पूर्वी इलाके से एक लाख हिंदू अल्पसंख्यकों और नियंगमापा बौद्धों को बेदखल कर दिया गया। 

मलेशिया : मलेशिया में हिन्दू मंदिरों और अन्य धार्मिक स्थानों को अक्सर निशाना बनाया जाता है। सरकार मस्जिदों को सरकारी जमीन और मदद मुहैया कराती है, लेकिन हिंदू धार्मिक स्थानों के साथ इस नीति को अमल में नहीं लाती। हिंदू कार्यकर्ताओं पर तरह-तरह के जुल्म किए जाते हैं और उन्हें कानूनी मामलों में जबरन फंसाया जाता है। उन्हें शरीयत अदालतों में पेश किया जाता है। पिछली साल जबरन 7000 हिन्दुओं को धर्मपरिवर्तन करवाके मुस्लिम बनाया गया था ।

अफगानिस्तान : स्थानीय मुसलमानों ने वहां रहने वाले हिन्दू परिवारों का जीना हराम कर रखा है । नेशनल कॉउन्सिल ऑफ़ हिन्दू एंड सिख के चेयरमैन अवतार सिंह के अनुसार 1992 में काबुल सरकार के पतन के दौरान यहाँ लगभग 2,20,000  हिन्दू और सिख परिवार रहते थे जो अब घटकर सिर्फ 220 रह गए हैं । पूरे देश में अब सिर्फ 1350 हिन्दू परिवार बचे हुए हैं । अगर आप मुस्लिम नहीं हैं तो आप इंसान नहीं हैं, ऐसा वहां के मुसलमान मानते हैं । दाह संस्कार करने गए हिन्दू परिवारों और यहाँ तक कि मृतक के शरीर पर भी ये मुसलमान ईंटों और पत्थरों से हमला करते है ।

कश्मीर : पाकिस्तान ने कश्मीर के 35 फीसदी भू-भाग पर अवैध तरीके से कब्जा कर रखा है। 1980 के दशक से यहां पाकिस्तान समर्थित आतंकी सक्रिय हैं। कश्मीर घाटी से अधिकांश हिंदू आबादी का पलायन हो चुका है। सात लाख से ज्यादा कश्मीरी हिंदू अपने ही देश में शरणार्थी के तौर पर रह रहे हैं। कश्मीरी पंडित रिफ्यूजी कैंप में बदतर स्थिति में रहने को मजबूर हैं। 


यह चिंता की बात है कि विदेशों में रह रहे हिंदुओं पर अत्याचार के मामले लगातार बढ़ रहे हैं, लेकिन चंद मानवाधिकार संगठनों की बात छोड़ दें तो वहां रह रहे हिंदुओं के हितों की रक्षा के लिए आवाज उठाने वाला कोई नहीं है।

भारत में अल्पसंख्यको को इतनी सुख -सुविधाओं दी जा रही हैं फिर भी दंगे करते रहते हैं लेकिन विदेशों में रह रहे अल्पसंख्यक हिन्दू नर्क से भी बद्दतर जिंदगी जी रहे हैं उनके लिये कोई आवाज नही उठा रहा है , इस पर भारत सरकार को कठोरता से कदम उठाना चाहिए ।