Sunday, July 28, 2019

ट्वीटर पर मीडिया की खोल दी पोल, क्लीनचिट के बाद लगाई लताड़

28 जुलाई 2019
http://azaadbharat.org
🚩मीडिया सिर्फ एकतरफा खबरें दिखाती है जिससे जनता से अपनी विश्वसनीयता खोती जा रही है और यही वजह है कि आज मीडिया को सोशल मीडिया पर जनता आए दिन लताड़ लगाती रहती है । मीडिया अब कोई खबर अत्यधिक एवं बनावटी तरीके से दिखाती है तो जनता को ये समझते देर नहीं लगती कि ये टीआरपी या पैसे का खेल है, उस खबर का सत्य से कोई संबंध नहीं है।

🚩आपको बता दें कि 2008 में हिंदू संत आसाराम बापू के अहमदाबाद गरुकुल में पढ़ने वाले दो बच्चे दीपेश ओर अभिषेक की दुःखद मौत हुई और लाश आश्रम के पीछे नदी तट पर मिली उसके बाद मीडिया ने इतना शोर मचाया कि तांत्रिक विधि से बच्चों को मारा गया आदि-आदि । पर अब आप ही बताइये कि अगर कोई किसी की हत्या करे तो अपने घर या आश्रम के पास लाश क्यों रखेगा ? ये तो बस एक सुनियोजित षडयंत्र के तहत कहानियां बनाकर जनता को मीडिया के द्वारा गुमराह किया जा रहा था, उस समय बापू आसारामजी और उनके आश्रम व गुरुकुल की खूब बदनामी की गई, यहाँ तक कि गुंडे भेजकर आश्रम में आए साधकों को पिटा गया । कुछ प्रतिशत जनता भी मीडिया की बातों को सत्य मानकर गुमराह हो गई थी ।
🚩इस विषय पर गुजरात के गृहमंत्री प्रदीप सिंह जाडेजा ने बताया कि आश्रम को बदनाम करने के लिए कोंग्रेस द्वारा षडयंत्र रचा गया था । आज 11 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद जब उनको क्लीनचिट मिल गई कि कोई तांत्रिक विधि से मौत नहीं हुई है और ना ही कोई अंग निकाले हैं तो मीडिया ने इस खबर को ज्यादा हाईलाइट नहीं किया, जिससे आक्रोशित जनता ने ट्वीटर पर #CleanChitToAsaramBapuji हैशटैग के माध्यम से लाखों ट्वीट करके ट्रेंड लाया और मीडिया को खूब लताड़ा।
🚩आइये जानते है क्या कहा जनता ने...
🚩1. पायल रोहतगी ने बताया कि Well well a lot of people must be sulking seeing this trend 😉 It’s just the beginning. Stop targeting Hindu Saints 🙏#CleanChitToAsaramBapuji https://t.co/PArudmYlq6
https://twitter.com/Payal_Rohatgi/status/1155422643186753536?s=08
2. प्रेम चौधरी ने लिखा कि सुप्रीम कोर्ट व डीके त्रिवेदी के निर्णय ने संत आशारामजी बापू की पवित्रता पर लगाये गये आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है और उनके आश्रम के विरुद्ध कुप्रचार अभियान छेड़नेवालों के मुँह पर भी करारा तमाचा जड़ दिया है।
झूठे आरोप लगानेवालो को सजा मिलनी चाहिए।
https://twitter.com/premchaudhary_/status/1155323923669475328?s=19
🚩3. डॉ. भूमि लिखती हैं कि आज बिकाऊ मीडिया की सच्ची घटनाएं प्रसारित करने की क्षमता कहाँ है ? समाज को गुमराह करने  के लिए रात-दिन एक किया लेकिन सत्य का प्रसार प्रचार के लिए अब सांप सूंघ गया क्या ?
#CleanChitToAsaramBapuji
https://twitter.com/Drbhumi_v/status/1155471689343479810?s=19
🚩4. डॉ संजीव लिखते हैं कि Sant Shri Asaram Bapu Ji और उनके आश्रम के विरुद्ध
👉मीडिया,
👉विदेशी ताकतें,
👉ईसाई मिशनरीज़,
स्वार्थी राजनेता,
सबने मिलकर षड्यंत्र रचा था।

लेकिन दीपेश - अभिषेक की मौत के मामले में डी. के. त्रिवेदी पंच से मिली क्लीन चिट और झूठ का हुआ पर्दाफाश।
https://twitter.com/DrSanjeevChugh1/status/1155437952652046336?s=19
🚩5. ठाकुर राम साहू ने लिखा कि हिन्दू विरोधी मीडिया को सांप सूंघ गया है अब। डी. के त्रिवेदी पंच द्वारा क्लीन चिट मिलना बता रहा है कि Sant Shri Asaram Bapu Ji को फँसाने की साजिश हुई थी। आखिरकार सत्य की जीत हुई।
https://twitter.com/ThakurR56075434/status/1155438035648909313?s=19
*🚩6. रवि ने लिखा कि 2008 में दीपेश अभिषेक की मौत को काला जादू बताना, तांत्रिक विद्या के शिकार बताना वास्तव में Sant Shri Asaram Bapu Ji को फंसाने और बदनाम करने का बहुत बड़ा षड़यंत्र था
पर अब #CleanChitToAsaramBapuji ने इस षड़यंत्र के चिथड़े उड़ा दिए है।*
https://twitter.com/Rv_im_/status/1155438030481575937?s=19
🚩7. सौम्या ने लिखा कि आखिर जीत सत्य की ही हुई। सत्य परेशान हो सकता है परंतु पराजित नही। Sant Shri Asaram Bapu Ji और Narayan Sai Ji को दीपेश-अभिषेक की मौत के मामले में डी. के. त्रिवेदी पंच से मिली क्लीन चिट।
https://twitter.com/soumya1311/status/1155438203605639173?s=19
🚩8. राम अवतार ने लिखा कि विधर्मियों को भारत मे फैलती गुरुकुल पद्धति रास नही आयी और षड्यंत्रपूर्वक Media का सहारा लेकर विधर्मियों ने बापूजी का कुप्रचार किया जिसे DK Trivedi commission की रिपोर्ट ने clear किया कि Sant Shri Asaram Bapu Ji पर लगे आरोप बेबुनियाद है।
https://twitter.com/RamAvtarAgarw10/status/1155470303876673537?s=19
🚩9. रेशु लिखती हैं कि
सच्चे का बोलबाला, झूठे का मुंह काला
जी हाँ ऐसा ही हुआ 26 जुलाई 2019 को। #CleanChitToAsaramBapuji से सच्चे निर्दोष और महान Sant Shri Asaram Bapu Ji का बोलबाला हुआ
और झूठी मीडिया का मुंह काला हुआ।
https://twitter.com/reshu202/status/1155468631771271168?s=19
🚩ऐसे लाखों ट्वीट्स के जरिये जनता ने मीडिया की सारी पोल खोल दी, अब मीडिया कोई भी झूठी खबर दिखाए तो सोशल मीडिया पर सही खबर आ जाती है जिसके कारण मीडिया की झूठी कहानियों की असलियत सामने आती है।
🚩रिपोर्ट आने के बाद मृतकों के पिता को एक लोकल टीवी चेनल द्वारा एक इंटरव्यू में तांत्रिक विधि के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि "तांत्रिक विधि कि बात तो जाने दो, भाजपा सरकार ने इन लोगो को बचाने का काम किया है , कोंग्रेस सरकार होती तो हमें न्याय मिलता" इस स्टेटमेंट से साबित होता है कि ये लोग कौन सी पार्टी से मिले हुए हैं । सालों से तांत्रिक विधि का आरोप लगाते हुए जिनका कंठ नहीं सूखता था वो आज बोल रहे है कि तांत्रिक विधि कि बात तो जाने दो। गजब है !!! दरअसल इन लोगों  संपति की भी जांच होनी चाहिए। और उनके पीछे कौन लोग है उसकी भी जाँच होनी चाहिए।
🚩क्योंकि करोड़ो लोगों का मानना है कि पूज्य आशारामजी बापू  एवं उनके परिवार को निर्दोष होते हुए भी एक या दुसरे झूठे केसों में फँसाया गया है। जिसके लिए विदेशी एवं विधर्मी ताकतों ने अरबों रुपए लगा दिए हैं । परंतु हर मामले में बापू निर्दोष पाए गए है और आगे भी निर्दोष ही साबित होगे। किंतु 83 वर्षीय संत को जो कष्ट पहुँच रहा है , उनकी जो मानहानि हो रही है, उनका जो कीमती समय व्यर्थ हो रहा है , उसका भुगतान कौन करेगा ? शंकराचार्य जयेंद्र सरस्वतीजी ,  साध्वी प्रज्ञासिंह , असीमानंदजी, केशवानंदजी जैसे कई सनातनी संतो को झूठे केसों में फँसया गया , यातनाएँ देकर जेल में रखा गया और अंत में निर्दोष पाए गए ! क्या हिंदु संत होना और 50+ वर्षो से राष्ट्र व समाज कि निःस्वार्थ सेवा करना गुनाह है ?
🚩अब जनता को जागरुक होकर इन षडयंत्र का भांडाफोड़ करके निर्दोष संतो को न्याय दिलाना चाहिए।
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Friday, July 26, 2019

आसाराम बापू को मिली क्लीनचिट, षड्यंत्र का पर्दाफाश

26 जुलाई 2019
🚩हिंदु संत आशाराम बापू ने देश को मजबूत व हिंदू धर्म की रक्षा के लिए बनाने के लिए बच्चों को बचपन से ही दिव्य संस्कार देने के लिए देशभर में अनेक वैदिक गरुकुल खोले, जिससे जो बच्चे कॉन्वेंट स्कूल में पढ़कर जो बच्चें हिंदू धर्म व देश को भूल रहे थे और उनके गुरुकुल में शिक्षा के साथ आध्यात्मिक व धर्म की शिक्षा पा रहे थे वो राष्ट्रविरोधी ताकते व मिशनरियों को रास नही आया जिसके कारण उनके खिलाफ षडयंत्र शुरू हुआ।

🚩2008 में हिंदू संत आसाराम बापू के खिलाफ षडयंत्र शुरू हुआ, उनके अहमदाबाद गरुकुल में पढ़ने वाले दो बच्चों की मौत हो गई और बच्चों की लाश उनके आश्रम के पीछे से मिली और मीडिया इतना शोर मचाने की तांत्रिक विधि से बच्चों की मौत कर दी गई, ऐसी ऐसी झूठी कहानियां बनाई गई कि जनता भी गुमराह हो गई और उनको भला-बुरा बोलने लगी, उनके आश्रम में पुलिस ही पुलिस दिखने लगी, किसी भी सेवक को उठाकर ले जाने लगी, कईयों को गिरफ्तार भी कर लिया पर उस समय ये सब सच लग रहा था क्योंकि एक षडयंत्र पूर्वक कार्य चल रहा था।
🚩पर जब सीआईडी क्राइम ब्रांच और सुप्रीम कोर्ट ने क्लीन चिट दे दी तो कोई खबर नही दिखाई यहां तक कि क्राइम ब्रांच ने अखबार में छपवाया था की बापू आसारामजी के आश्रम में कोई भी गलत कार्य या तांत्रिक विधि होती है तो हमे बता सकते है उनका नाम गोपनीय रखा जायेगा और उनको ईमान दिया जाएगा फिर भी आजतक उनके सामने ऐसा कोई आया नही ओर उनको क्लीनचिट दे दी गई।
🚩जानें, क्या है मामला
हिंदू संत आशारामजी बापू आश्रम में पढ़ाई कर रहे दीपेश-अभिषेक वाघेला तीन जुलाई, 2008 को आश्रम से लापता हो गए थे। पांच जुलाई को उनके क्षत-विक्षत शव साबरमती नदी के पट में पड़े मिले थे। उनके पिता शांति वाघेला व प्रफुल्‍ल वाघेला ने आसारामजी बापू पर आश्रम में तांत्रिक विधि करने का आरोप लगाते हुए बच्‍चों की हत्‍या का आरोप लगाया था। सीआइडी क्राइम को इस मामले की जांच सौंपी गई थी।
🚩बच्‍चों की मौत के बाद अहमदाबाद के राणिप से लेकर साबरमती आसारामजी बापू आश्रम तक जोरदार विरोध-प्रदर्शन हुआ तथा पीड़ित परिवार अनशन पर बैठ गया था। निष्‍पक्ष जांच का भरोसा देते हुए गुजरात सरकार ने तब उनका अनशन समाप्‍त कराया था। सरकार ने जांच के लिए सेवानिवृत्त न्‍यायाधीश डीके त्रिवेदी आयोग का गठन किया।

🚩आयोग ने जांच कर वर्ष 2013 में सरकार 179 पेज की रिपोर्ट सौंप दी, जिसे सरकार ने शुक्रवार को विधानसभा में पेश किया। ग्‍यारह साल बाद आई इस रिपोर्ट में बच्‍चों की मौत डूबने से होना बताया है तथा बच्‍चों पर तंत्र विधि तथा आश्रम में तांत्रिक क्रियाओं के कोई सबूत नहीं मिलना बताया है।
आयोग ने साफ बताया कि बच्‍चों के शरीर से अंग गायब होने के भी सबूत नहीं मिले हैं।
🚩न्यायमूर्ति त्रिवेदी जाँच आयोग में बयानों के दौरान संत श्री आसारामजी आश्रम पर झूठे, मनगढ़ंत आरोप लगानेवाले  लोगों के झूठ का भी विशेष जाँच में पर्दाफाश हो गया है ।
🚩आपको बता दे कि इस मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने भी उनको पहले क्लीनचिट दे दी थी।
🚩गुजरात में इन दो बालकों के मामले को लेकर पिछले काफी समय से संत श्री आशारामजी आश्रम और आश्रम के साधकों के विरुद्ध एक सुनियोजित भ्रामक प्रचार चलाया जा रहा था, जिसकी आड़ में असामाजिक तत्त्व आश्रम की सत्प्रवृत्तियों व हिन्दू संत आसाराम बापू के सत्संग का द्वेषपूर्ण विरोध कर रहे थे । सर्वोच्च न्यायालय के आदेश और डीके त्रिवेदी आयोग की रिपोर्ट के बाद यह स्पष्ट हो जाता है कि ये तत्त्व सिर्फ राजकीय हथकंडे बन के हिन्दू संत आशारामजी बापू जैसे संतों पर झूठे व मनगढ़ंत आरोप लगाकर सत्संग और सत्प्रवृत्तियों में बाधा उत्पन्न करने का घोर पाप कर रहे थे । किंतु कहते हैं न, कि
साँच को आँच नहीं और झूठ को पैर नहीं ।
🚩इसलिए झूठी बातों को लम्बे समय तक नहीं चलाया जा सकता । हिन्दू संत आसाराम बापू का इस मामले में उल्लेख तक नहीं आता, फिर भी जो उनका विरोध कर रहे हैं, उनके षड्यंत्र की यहाँ पोल खुल जाती है । बापू आसारामजी कहते है कि : ‘‘आश्रम के प्रति द्वेषबुद्धि रखनेवालों को भी भगवान सद्बुद्धि प्रदान करें, ऐसी ही प्रार्थना है ।’’
🚩सर्वोच्च न्यायालय व डीके त्रिवेदी के उपरोक्त निर्णय ने संत श्री आशारामजी आश्रम की पवित्रता पर लगाये गये आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है और उनके आश्रम के विरुद्ध कुप्रचार अभियान छेड़नेवालों के मुँह पर भी करारा तमाचा जड़ दिया है ।
🚩बिना किसी तथ्य व प्रमाण के आधार पर ऐसे विश्वप्रसिद्ध हिन्दू संत पर बेबुनियाद आरोप लगानेवाले व उसको तूल देकर समाज में अशांति फैलानेवाले प्रचार माध्यमों पर से भी लोगों का विश्वास उठ चुका है ।        
🚩आजकल झूठे आरोप लगानेवालों की संख्या बढ़ रही है । झूठे आरोप लगानेवालों को यदि सरकार द्वारा दंडित नहीं किया जायेगा तो इनकी संख्या और बढ़ती जायेगी । आरोप झूठे सिद्ध होने तक जो निर्दोष लोगों की प्रतिष्ठा को हानि होती है तथा आर्थिक हानि भी होती है, उसके लिए जिम्मेदार हैं झूठे आरोप लगानेवाले; उनको कड़ी सजा अवश्य मिलनी चाहिए ।
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Thursday, July 25, 2019

हिंदुओं की इतनी बार हिंसक भीड़ द्वारा हत्या कर दी गई पर कोई विरोध नहीं

25 जुलाई 2019
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🚩देश के कुछ स्वघोषित बुद्धिजीवियों, लेखकों, अभिनेता एवं अभिनेत्रियों ने प्रधानमंत्री मोदी जी को पत्र लिखकर हिंसक भीड़ द्वारा हत्या अर्थात मोब लिंचिंग को लेकर शिकायत दर्ज करवाई है कि वह अल्पसंख्यक और दलितों पर अत्याचार है । पूर्व में यह जमात अख़लाक़ की हत्या, गौरक्षक, असहिष्णुता, पुरस्कार वापसी, नक्सलवाद समर्थन, भीमा कोरेगांव, अल्पसंख्यक खतरे में, उत्तरपूर्वी राज्यों से अफ़सा कानून हटाने, कश्मीर सुरक्षा बल हटाने,  बालाकोट हमले पर प्रश्नचिन्ह लगा चुका है । खेद इस बात का है कि बहुसंख्यक हिन्दुओं के पक्ष में यह कभी कोई मुद्दा नहीं उठाता । आज संसद में भी मोब लीन्चींग पर जोरदार चर्चाएँ हो रही हैं और विपक्षी दल इस मामले बढ़-चढ़कर भाग ले रही है I मोब लिंचिंग पर आक्षेप करने वालों से मैं कुछ प्रश्न पूछना चाहता हूँ।

🚩1.1947 में देश के बँटवारे के बाद जब पाकिस्तान से ट्रेन भर भरके हिंदूओ के बेरहमी से काटे हुये  शव हिंदुस्तान भेजे जा रहे थे - क्या कभी शहरी नक्सलियों  को हिंदूओ के इस कत्लेआम पर दुःख हुआ था? क्या  शहरी नक्सलियों ने इस मॉब लीन्चींग का कभी विरोध किया?
🚩2. हिंदुस्तान में अब तक कितने हिंदू लड़के किसी  मुस्लिम लड़की से प्रेम करने के कारण उस लड़की के परिवार के हाथों बेरहमी से मारे गये हैं I - क्या यह हिंदूओ के विरुद्ध मॉब लीन्चींग नहीं है ? क्या शहरी नक्सलियों ने इस मॉब लीन्चींग का कभी विरोध किया ?
🚩3. हमारी प्रधान मंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी के मृत्यु के पश्चात हज़ारों सिखों को मारा गया I इसके विषय मे तो राजीव गांधी के शब्द प्रसिद्ध है -'When a  great tree falls, the ground shakes.' - क्या यह सिखों के विरुद्ध मॉब लीन्चींग नहीं हुई थी ?
क्या शहरी नक्सलियों ने इस मॉब लीन्चींग का कभी विरोध किया ?
🚩4. अयोध्या की सड़कों पर हज़ारों हिंदू कारसेवकों को अत्यंत बेरहमी से एक ही दिन मे मार दिया गया I - क्या यह हिंदुओं के विरुद्ध मॉब लीन्चींग नहीं हुई ?
क्या शहरी नक्सलियों ने इस मॉब लीन्चींग का कभी विरोध किया?
🚩5. गोधरा मे हिंदू कारसेवको से भरी ट्रेन की बोगियां  आग के हवाले कर दी गयी, जिसमें हिंदू महिलाएं और बच्चे भी जिंदा जलकर मर गये, क्या यह हिंदुओं के विरुद्ध मॉब लीन्चींग नही थी ? क्या शहरी नक्सलियों ने इस मॉब लीन्चींग का कभी विरोध किया भी है ?
🚩6. कश्मीर में हजारों काश्मिरी पंडित केवल हिंदू थे इसलिये बेरहमी से मारे गये और हजारो अपने ही देश मे बेघर होकार किसी शरणार्थी का जीवन बिताने लगे, क्या यह हिंदूओ के विरुद्ध मॉब लीन्चींग नहीं थी ? क्या शहरी नक्सलियों ने इस मॉब लीन्चींग का कभी विरोध किया भी है ?
🚩7. कश्मीर में हमारी सेना पर पत्थर बरसाये जाते हैं, क्या यह सेना के विरुद्ध मॉब लीन्चींग नहीं है ? क्या शहरी नक्सलियों ने इस मॉब लीन्चींग का कभी विरोध किया भी है ?
🚩8. गौरक्षक जब गौधन को चोरी करने से रोकते है तब अनेक बार उन्हें कसाइयों की गोली, हथियारों का सामना करना पड़ता हैं। अनेक बार गौरक्षकों की जान भी चली जाती है, क्या यह गौरक्षकों की मॉब लीन्चींग नही है ?क्या शहरी नक्सलियों ने इस मॉब लीन्चींग का कभी विरोध किया भी है ?
🚩9. अनेक बार हिन्दू लड़कियों से गुंडई तत्व छेड़छाड़ करते हैं। उनका विरोध करने वालों को गुंडे सरेआम पिट-पिट कर मार डालते हैं। क्या अपनी बहनों, बेटियों की रक्षा करना भी अपराध है ? क्या यह हिन्दुओं के विरुद्ध मॉब लीन्चींग नही है ? क्या शहरी नक्सलियों ने इस मॉब लीन्चींग का कभी विरोध किया भी है?
🚩10. उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में जाहिद और असलम से पिता द्वारा उधार दिए पैसे वापस मांगने पर उसकी 2.5 वर्ष की नन्ही ट्विंकल शर्मा का रेप कर बेरहमी से कत्ल कर देते हैं ।
🚩11. बिहार के जमुई के सद्दाम अंसारी 8 वर्षीय निशा कुमारी का रेप कर पत्थरों से उसका सिर कुचल देता है ।
🚩11. कानपुर में दरोगा जाकिर हुसैन 7 बहनों के इकलौते भाई रजत वर्मा को गाड़ी से कुचल कर मार देता है ।
🚩13. दिल्ली में बेटी छेड़ने का विरोध करने पर पूरा परिवार मिलकर ध्रुव त्यागी और उसके बेटे को चाकुओं से गोद देता है जिसमें ध्रुव त्यागी की मृत्यु हो जाती है।
🚩14. मेरठ में लस्सी के पैसे मांगने पर 15 मुसलमान पीट-पीटकर भरत यादव की हत्या कर देते हैं ।
🚩15. यूपी के गोंडा में एक हिन्दू को मामूली सी बात पर चार मुसलमान मिलकर पेट्रोल से नहलाकर आग लगा देते हैं ।
🚩16. तिरंगा यात्रा निकालने पर चन्दन गुप्ता की हत्या कर दी जाती है ।
🚩17. यूपी के शिकोहाबाद में दलित युवक विद्याराम की घर से बाहर निकालकर परवेज रेहान और युसूफ हत्या कर देते हैं।
🚩18. गौ तस्करों की शिकायत करने पर मन्दिर पर हमला कर ये एक साथ तीन-तीन पुजारियों का कत्ल कर देते हैं ।
🚩19. दलित युवक जब खुद को हिन्दू कहता है तो हैदराबाद में ही उसे जिन्दा जला दिया जाता है ।
🚩20. तमिलनाडु में मन्दिर में भजन बजाने पर पुजारी की हत्या कर देते हैं ।
21. तेलंगाना में मन्दिर में घंटी बजाने पर पुजारी की हत्या कर देते हैं।
🚩22. कर्नाटक में गौ तस्करी विरोध करने पर शिवू को बस स्टैंड में फांसी पर लटकाकर मार देते हैं ।
23. बंगाल में कैनिंग, धुलागढ़, बशीरहाट, मालदा आदि में दलित, गैर दलित हिन्दुओं पर हमले करते हैं, घरों दुकानों में आग लगा देते हैं।
🚩24.  मामूली बात पर मुस्लिम भीड़ दिल्ली में डॉ नारंग की पीट पीटकर हत्या कर देते हैं।
25. मुस्लिम लड़की से प्रेम करने पर बीच सड़क पर दिल्ली में अंकित सक्सेना की हत्या कर देते हैं।
🚩यहां सब घटनाएं नही दे सकते ऐसी तो अनगिनत घटनाएं है जिसमे हिंदुओं की हत्या हुई है पर क्या शहरी नक्सलियों ने इन मॉब लीन्चींग जो हुई उसका कभी विरोध किया भी है?
🚩इसलिए मोब लिंचिंग के जुमले को उठाने वाले आपके हितेषी नहीं हैं। ये लोग तेजी से प्रासंगिकता खो रहे हैं । हिन्दुओं को संगठित होकर उनके षड़यंत्र का पर्दाफाश करना चाहिए ।
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