Monday, March 12, 2018

भारतीय चैत्री नूतनवर्ष की विशेषताएं जानकर आप स्वयं को गौरवान्वित महसूस करेंगे

March 12, 2018

🚩 चैत्र मास की शुक्ल प्रतिपदा को गुड़ी पड़वा या वर्ष प्रतिपदा या उगादि (युगादि) कहा जाता है। इस दिन #हिन्दू #नववर्ष का आरम्भ होता है। 'गुड़ी' का अर्थ '#विजय #पताका' होता है। इसी दिन से #ग्रहों, #वारों, #मासों और संवत्सरों का प्रारंभ गणितीय और खगोल शास्त्रीय संगणना के अनुसार माना जाता है।
Knowing the features of Indian Chaitra New Year,
you will feel proud of yourself

🚩 चैत्रमास की शुक्ल प्रतिपदा को ही सृष्टि की उत्पति हुई थी और इस दिन कुछ ऐसी महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटनाएं हुई हैं जिसके कारण इस दिन का महत्व और अधिक बढ़ जाता है ।

आइये आपको इस दिन के इतिहास से जुड़ी कुछ घटनाएं बताये...

🚩 #इतिहास में इस प्रकार वर्णित है #चैत्री #वर्ष #प्रतिपदा...

1. भगवान #ब्रह्मा जी द्वारा सृष्टि का सर्जन...

2. मर्यादा #पुरुषोत्तम #श्रीराम का राज्‍याभिषेक...

3. #माँ दुर्गा के #नवरात्र व्रत का शुभारम्भ...

4. प्रारम्‍भयुगाब्‍द (युधिष्‍ठिर संवत्) का आरम्‍भ..

5. उज्जैनी सम्राट #विक्रमादित्‍य द्वारा #विक्रमी संवत्प्रारम्‍भ..

6. शालिवाहन शक संवत् (भारत सरकार का राष्‍ट्रीय पंचांग) का प्रारंभ...

7. महर्षि #दयानन्द जी द्वारा आर्य समाज का स्‍थापना दिवस..

8. भगवान #झूलेलाल का अवतरण दिन..

9. #मत्स्यावतार दिवस..

10. गुरु अंगददेव अवतरण दिवस..

11 - डॉ॰केशवराव बलिरामराव हेडगेवार जन्मदिन ।

🚩#नूतन वर्ष का प्रारम्भ आनंद-उल्लासमय हो इस हेतु प्रकृति माता भी सुंदर भूमिका बना देती है...!!!

🚩इसी दिन #ब्रह्माजी ने सृष्टि का निर्माण किया था। इसी दिन से नया संवत्सर शुरू होता है। 

🚩चैत्र ही एक ऐसा महीना है, जिसमें वृक्ष तथा लताएँ पल्लवित व पुष्पित होती हैं।

🚩शुक्ल प्रतिपदा का दिन #चंद्रमा की कला का प्रथम दिवस माना जाता है। ‘उगादि‘ के दिन ही पंचांग तैयार होता है।

🚩महान गणितज्ञ भास्कराचार्य ने इसी दिन से सूर्योदय से #सूर्यास्त तक...दिन, महीना और वर्ष की गणना करते हुए ‘#पंचांग ‘ की रचना की थी ।

🚩वर्ष के साढ़े तीन मुहूर्तों में #गुड़ीपड़वा की गिनती होती है।  इसी दिन भगवान #राम ने बाली के अत्याचारी शासन से  प्रजा को मुक्ति दिलाई थी।

🚩#नव वर्ष का प्रारंभ प्रतिपदा से ही क्यों...???

🚩#भारतीय #नववर्ष का प्रारंभ चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से ही माना जाता है और इसी दिन से #ग्रहों, #वारों, #मासों और संवत्सरों का प्रारंभ गणितीय और खगोल शास्त्रीय संगणना के अनुसार माना जाता है।

🚩आज भी जनमानस से जुड़ी हुई यही शास्त्रसम्मत कालगणना व्यावहारिकता की कसौटी पर खरी उतरी है। इसे राष्ट्रीय गौरवशाली परंपरा का प्रतीक माना जाता है।

🚩#विक्रमी संवत किसी संकुचित विचारधारा या पंथाश्रित नहीं है। हम इसको पंथ निरपेक्ष रूप में देखते हैं। यह संवत्सर किसी #देवी, #देवता या महान पुरुष के जन्म पर आधारित नहीं, ईस्वी या हिजरी सन की तरह किसी जाति अथवा संप्रदाय विशेष का नहीं है।

🚩हमारी गौरवशाली परंपरा विशुद्ध अर्थो में प्रकृति के शास्त्रीय सिद्धातों पर आधारित है और भारतीय कालगणना का आधार पूर्णतया पंथ निरपेक्ष है।

🚩प्रतिपदा का यह शुभ दिन भारत राष्ट्र की गौरवशाली परंपरा का प्रतीक है। ब्रह्म पुराण के अनुसार चैत्रमास के प्रथम दिन ही ब्रह्मा ने सृष्टि संरचना प्रारंभ की। यह भारतीयों की मान्यता है, इसीलिए हम #चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से नववर्षारंभ मानते हैं।

🚩आज भी हमारे देश में प्रकृति, शिक्षा तथा राजकीय कोष आदि के चालन-संचालन में मार्च, अप्रैल के रूप में चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को ही देखते हैं। यह समय दो ऋतुओं का संधिकाल है।  प्रतीत होता है कि प्रकृति नवपल्लव धारण कर नव संरचना के लिए ऊर्जस्वित होती है। मानव, पशु-पक्षी यहां तक कि जड़-चेतन प्रकृति भी प्रमाद और आलस्य को त्याग सचेतन हो जाती है।

🚩इसी प्रतिपदा के दिन आज से #उज्जैनी #नरेश महाराज विक्रमादित्य ने विदेशी आक्रांत शकों से भारत-भू का रक्षण किया और इसी दिन से काल गणना प्रारंभ की। उपकृत राष्ट्र ने भी उन्हीं महाराज के नाम से विक्रमी संवत कह कर पुकारा।

🚩महाराज विक्रमादित्य ने आज से राष्ट्र को सुसंगठित कर शकों की शक्ति का उन्मूलन कर देश से भगा दिया और उनके ही मूल स्थान अरब में विजयश्री प्राप्त की। साथ ही यवन, हूण, तुषार, पारसिक तथा कंबोज देशों पर अपनी विजय ध्वजा फहराई। उसी के स्मृति स्वरूप यह प्रतिपदा संवत्सर के रूप में मनाई जाती थी ।

🚩महाराजा विक्रमादित्य ने भारत की ही नहीं, अपितु समस्त विश्व की सृष्टि की। सबसे प्राचीन कालगणना के आधार पर ही प्रतिपदा के दिन को विक्रमी संवत के रूप में अभिषिक्त किया। इसी दिन को मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान रामचंद्र के राज्याभिषेक अथवा रोहण के रूप में मनाया गया।

🚩यह दिन ही वास्तव में असत्य पर सत्य की विजय दिलाने वाला है। इसी दिन महाराज युधिष्ठर का भी राज्याभिषेक हुआ और महाराजा विक्रमादित्य ने भी शकों पर विजय के उत्सव के रूप में मनाया।

🚩आज भी यह दिन हमारे सामाजिक और धर्मिक कार्यों के अनुष्ठान की धुरी के रूप में तिथि बनाकर मान्यता प्राप्त कर चुका है। यह राष्ट्रीय स्वाभिमान और सांस्कृतिक धरोहर को बचाने वाला पुण्य दिवस है। हम प्रतिपदा से प्रारंभ कर नौ दिन में शक्ति संचय करते हैं।

🚩कैसे मनाये नूतन वर्ष...???

🚩1- मस्तक पर तिलक, भगवान सूर्यनारायण को अर्घ्य , शंखध्वनि, धार्मिक स्थलों पर, घर, गाँव, स्कूल, कालेज आदि सभी  मुख्य प्रवेश द्वारों पर बंदनवार या तोरण (अशोक, आम, पीपल, नीम आदि का) बाँध के भगवा ध्वजा फेराकर सामूहिक भजन-संकीर्तन व प्रभातफेरी का आयोजन करके भारतीय नववर्ष का स्वागत करें  ।

🚩तो देखा आपने कितनी महान है हमारी भारतीय संस्कृति...!!!

🚩तो अब से सभी भारतीय संकल्प ले कि अंग्रेजो द्वारा चलाया गया एक जनवरी को नववर्ष न मनाकर अपना महान हिन्दू धर्म वाला नववर्ष मनायेंगें।

🚩भारतीय संस्कृति की जय🚩

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Sunday, March 11, 2018

ईसाई मिशनरियों का सेंट जोसेफ वृद्धाश्रम में मिला अत्याचारों का कुआँ, मीडिया चुप

March 11, 2018

ईसाई मिशनरियों ने वृद्धों की सहायता के लिए वृद्धाश्रम खोला लेकिन उसकी असलियत जानकर आप भी दाँतों तले उंगली दबा देंगे, यही खबर छुपाने के लिये दारू पीकर मर गई श्रीदेवी की खबर दिन रात दिखाई जा रही है अगर यही घटना किसी हिन्दू संत के वहाँ होती तो मीडिया दिन-रात खबरें चिल्ला-चिल्ला कर बताती लेकिन ईसाई मिशनरियों की है तो मीडिया चुप है ।
Christian missionaries of St. Joseph's well-fed homes,
the wells of atrocities, the media quiet

चेन्नई में ईसाई मिशनरियों का सेंट जोसेफ वृद्धाश्रम लगभग 17 एकड भूमि में विस्तरित है । उसमें अनुमान से आधा एकड भूमि में शवागृह है । वृद्धाश्रम का प्रभारी फादर थॉमस यहां के अनाथ वृद्धों पर अमानवीय अत्याचार करते हैं । थॉमस ने वृद्धाश्रम के सभी कर्मचारियों को घुंस देकर अपने पक्ष में किया है ।

शवागृह के मृतदेहों के अवयव तथा हड्डियों की चोरी कर उसे विदेश में निर्यात किया जाता हैं ।

सेंट जोसेफ़ की संस्था की वेन गाड़ी में एक बूढ़ी औरत 'बचाओ-बचाओ' की आवाज़ लगा रही थी,  रोड़ पे इनकी गाड़ी रोकी गई और उस गाड़ी से दो वृद्धजनों को बचाया गया। फिर इसके बाद इस ओल्डएज होम पे छापा पड़ा जहाँ इंटेलिजेंस वालों के होश उड़ गए। ओल्डएज होम पर  लाशों का रैक बना हुआ था बड़े-बड़े बक्सों के अंदर लेकिन बक्सों में केवल लाश ही नही थी बस मांस के लोथड़े ही बचे  थे। 1600 से ऊपर ऐसे लोथड़े थे।  इससे पहले तो पता नहीं कितने ही ऐसे लोथड़े मिट्टी में मिल गए होंगे ।  इनकी हड्डियां और अंग विदेशों में सप्लाई कर दिए जाते हैं, जहाँ बहुत माँग हैं इन सबकी । उनके ही वृद्धाश्रम से पता नहीं कितनों को मारकर इनकी हड्डियां और ऑर्गन्स बेचे जाते होंगे । 

यहाँ तक बताया कि सड़क किनारे से बुजुर्गों को भी उठा के लाते हैं सोशल सर्विस के नाम पर उसका दाम भी तगड़ा मिलता है सोशल सर्विस के नाम से और अंदर खाने ये सब  कुकृत्य किया जाता है । 

ये भी बताया कि सेंट जोसेफ़ की संस्था तो कई हॉस्पिटलस से लाशें लाते हैं और हड्डियों को निकालने का काम करते हैं। 

सेंट जोसेफ वृद्धाश्रम के अनाथ वृद्धों पर किए जानेवाले अत्याचारों के विरोध में श्री. आर.डी. प्रभु के नेतृत्व में ‘भारत हिन्दू मुन्नानी’ इस संगतन ने कांचीपुरम् में प्रदर्शन किया । उस समय यह मांग की गई कि, ‘सरकार ने इस प्रकरण के अपराधियों को कडा दंड देना चाहिए !’ इस आंदोलन में श्रीराम युवा सेना, भारत हिन्दू महासभा आदि संगठन सम्मिलित हुए थे । स्त्रोत : दैनिक सनातन प्रभात

ईसाई मिशनरियों  की क्रूरता देखें कितने वृद्धों के साथ कितना अत्याचार किया जा रहा है फिर भी मीडिया मौन है अगर  ऐसी कोई घटना हिन्दू साधु-संत के वहाँ होती तो मीडिया दिन-रात खबरे दिखाती लेकिन ये घटना दबाने के लिए पाश्चात्य संस्कृति की तरफ ले जाने वाली श्रीदेवी जो दारू पीकर बाथरम में मर गई उसकी खबर दिन-रात दिखाकर जनता का ध्यान भटका रही है कि कहीं ईसाई मिशनरियों की पोल न खुल जाये ।

ईसाई मिशनरियों के चर्च में कितने बच्चों के साथ दुष्कर्म होते हैं, कॉन्वेंट स्कूलों में बच्चो के साथ अत्याचार होते हैं, ईसाई मिशनरियां भारत में देशवासियों को लालच देकर धर्मांतरण करवा रही है इन सब खबरों को मीडिया छुपा रही है और जो हिन्दू धर्म के रक्षक साधु-संत और हिन्दुत्वनिष्ठ कार्यकर्ता हैं उनको ही बदनाम करती रहती है इससे साफ पता चल रहा है कि मीडिया हिन्दू विरोधी बन चुकी है इसलिए कोई भी खबर पर भरोसा करने लायक मीडिया बची नही है ।

Saturday, March 10, 2018

मीडिया सदा जिनके विरोध में बोली, उनके समर्थन में आई लाखों महिलाएं, पर छुपा दी गई खबर

March 10, 2018

हिन्दुस्तान की जनता का अब इलेक्ट्रॉनिक और प्रिंट मीडिया पर से भरोसा उठता जा रहा है क्योंकि पैसे और टीआरपी के लिए मीडिया इतनी गिर गई है कि उसे सत्य से कुछ लेना-देना ही नहीं रहा है । हर खबर के दाम फिक्स होते हैं नहीं देने पर झूठी खबरों को सच और सच्ची खबरों को झूठा दिखाकर समाज को गुमराह करती है । यही आज की मीडिया का धंधा बन गया है कोई कोई सज्जन मीडियाकर्मी होंगे जो सच्चाई दिखाते होंगे बाकि तो लगभग सभी मीडिया हाउस बिके हुए हैं ।
The media has always been opposed to the quote,
the millions of women in their support, but hidden news

दो दिन पहले 8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस था । उस दिन देशभर में अनेक स्थानों पर महिलाओं ने गौ,गीता व संतों की रक्षा के लिए रैलियां निकाली, धरने दिए, राष्ट्रपति ,प्रधानमंत्री , कानूनमंत्री के नाम से कलेक्टर को ज्ञापन दिए लेकिन कुछ सज्जन मीडियाकर्मियों के अलावा न प्रिंट मीडिया ने छापा और न ही इलेक्ट्रॉनिक मीडिया ने दिखाया ।

आपको बता दें कि महिला उत्थान मण्डन ने विश्व महिला दिवस पर देशभर में गौमाता की रक्षा, श्रीमद्भगवद्गीता के ज्ञान के प्रचार-प्रसार एवं वर्तमान में हिन्दू धर्मगुरु संत आसारामजी बापू को न्याय दिलाने के लिए कदम उठाए ।


महिला उत्थान मंडल की बहनों द्वारा गौ-गीता की रक्षा एवं हिन्दू संत आशारामजी बापू की रिहाई की मांग करते हुए “अहमदाबाद, सूरत, जोधपुर, भिलाई, गोरेगांव, नासिक, उल्हासनगर, जमशेदपुर, दिल्ली, छतरपुर, मैनपुरी व अलीराजपुर” में संस्कृति रक्षा यात्राएँ निकाली गयी |

इसके अतिरिक्त जम्मू, नागपुर, रायपुर, धार, सोलापुर, लखनऊ में धरना प्रदर्शन भी किया गया । 

निम्नलिखित राज्यों के विभिन्न स्थानों में ज्ञापन सौंपे गये -
मध्यप्रेदश – अलीराजपुर, भोपाल, धार, हरदा, छतरपुर, इंदौर, जबलपुर, झाबुआ, करेली, मनावर, बैतूल, कटनी, रतलाम व सिहोर । 

गुजरात – अहमदाबाद, भावनगर, बड़ौदा, पालनपुर, राजकोट व सूरत । 

भारत की राजधानी दिल्ली 

पंजाब – पटियाला, चंडीगढ़, अबोहर व जलंधर । 

उत्तराखण्ड – हरिद्वार व हल्दवानी  ।    

उत्तर प्रदेश – सहारनपुर, बरेली, गोरखपुर, फिरोजाबाद, गाजियाबाद व हरदोई ।

महाराष्ट्र – नागपुर, अकोला, कराड़, सातारा, मालेगांव, अमरावती, गोरेगांव, धुलिया, गोंदिया, कोल्हापुर व सोलापुर । 

झारखण्ड – जमशेदपुर ।

जम्मू व कश्मीर – जम्मू व साम्बा । (रामगढ़, हीरानगर, कूटा, घघवाल व विजयगढ़ सम्मिलित रहे )

छत्तीसगढ़ – रायपुर, भिलाई, कोरबा व राजनांदगांव ।

हरियाणा -  अम्बाला, करनाल व रोहतक ।

सोशल मीडिया पर 8 मार्च को #womenempowermentbyBapuji हैशटैग के नाम से हजारों ट्वीट्स देखने को मिली । अलग-अलग स्थानों से रैलियों के लाइव वीडियो भी अपलोड किए गए थे ।

गौर करने वाली बात ये है कि एक लड़की के महज आरोप लगाने पर मीडिया ने हिन्दू संत आसारामजी बापू पर 24-24 घंटे डिबेट चलाई, पर जब उनके समर्थन में लाखों महिलाओं आई तो क्यों उनकी आवाज दबाई ???

क्यों इतनी बड़ी खबर को मीडिया कवरेज नहीं मिला ??

देशभर में अलग-अलग स्थानों की महिला मंडल की महिलाओं से जब बात की गई तो उनका कहना था कि हम लाखों-करोड़ो महिलाएं बापू आसारामजी को मानती हैं, उनके आश्रम में जाती हैं, सत्संग सुनती हैं और आसाराम जी बापू की प्रेरणा से हिन्दू संस्कृति रक्षार्थ अनेक सेवाकार्यों में संलग्न हैं । उन्होंने हम महिलाओं के लिए जो किया वो सराहनीय है । हम नारियों को समाज में नारायणी का दर्जा देने वाले संत के साथ हो रहे अन्याय पर हम सड़कों पर उतरी हैं और सरकार व न्यायालय से गुजारिश करती हैं कि संत आसारामजी बापू को जल्द से जल्द रिहा करें क्योंकि समाज को उनकी आवश्यकता है ।

मंडल की बहनों ने आगे बताया कि जगजाहिर है कि मेडिकल रिपोर्ट में बापू आसारामजी को क्लीनचिट मिल चुकी है और उनको फंसाने के लिए हुए षडयंत्रों की भी पोल-पट्टी न्यायालय के समक्ष खुल रही है । एक 80 वर्षीय संत के साथ अपने ही देश में इतना अन्याय देखकर हमारा मन व्यथित है ।इसलिए आज हम उनकी रिहाई की मांग लेकर सड़कों पर उतरी हैं ।

गौरतलब है कि बापू आसारामजी 4 साल 6 महीने से बिना सबूत जोधपुर जेल में बंद है और अंतिम बहस के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता सज्जनराज सुराणा ने भी कई चौकाने वाले खुलासे किये हैं ।


1- FIR करवाई गई घटना के 5 दिन बाद । वो भी जोधपुर की घटना बताकर, दिल्ली में रात्रि 2:45 बजे FIR की गई ।

2- हेल्पलाइन रजिस्टर के कई पन्ने #संदिग्घ तरीके से फाड़ें गए ।

3- FIR दो दिन बाद न्यायालय में पेश की गई ।

4- अलग-अलग सर्टिफिकेट में पाई गई लड़की की अलग-अलग उम्र ।

5- FIR लिखते समय की गई वीडियो रिकॉर्डिंग गायब कर दी गई ।

6- FIR और FIR की कार्बन कॉपी में अंतर पाया गया ।

7- मेडिकल में नहीं मिला एक खरोंच का भी निशान, मेडिकल में भी क्लीनचिट मिल चुकी है।

8-  कॉल डिटेल्स अनुसार जिस समय की घटना बता रही है उस समय तो वो अपने मित्र (पुरुष) से बात कर रही थी और देर रात तक वो मैसेज से बात करती रही ।

9 - लड़की की माँ दिल्ली में ही गिरफ्तार करवाना चाहती थी।

10- लड़की और उसके मां-बाप ने जो भूत-प्रेत की छाया बताने की घटना बताई है वो कल्पना करके झूठी बनाई गई है।

आपको बता दें कि अधिवक्ता सुराणा ने और भी कई खुलासे किये है जिससे साफ पता चलता है कि बापू आशारामजी को षडयंत्र के तहत फंसाया गया है।

केवल न्यायालय में सुराणा जी ने केस के खुलासे किये ऐसी बात नही है दिग्गज न्यायविद डॉ. सुब्रमण्यम स्वामी भी पहले न्यायालय में आकर सनसनीखेज खुलासे कर चुके हैं और उन्होंने बताया है कि बापू आशारामजी को धर्मांतरण कार्यों में रुकावट बनने के कारण सुनियोजित षडयंत्रपूर्वक जेल भिजवाया है।

डॉ. सुब्रमण्यम स्वामी तो गृहमंत्री राजनाथ को भी बता चुके हैं कि बापू आशारामजी को जेल में रखने का फालतू खर्च किया जा रहा है, उनके ऊपर केस बनता ही नही है, उनको तुरन्त रिहा किया जाये।

मीडिया केवल विदेशी ताकतों के इशारे पर हिन्दू संत आसारामजी बापू को बदनाम करती रही लेकिन आज इतनी बड़ी सच्चाई और अच्छाई सामने आई लेकिन सब छुपा रही है जिसके कारण मीडिया पर जनता का भरोसा उठता जा रहा है ।

Friday, March 9, 2018

हाईकोर्ट का खतरनाक फैसला, हिन्दू बेटियों को संस्कार नहीं दिए तो हो जायेगें बर्बाद

March 9, 2018

लव जिहाद देश की सबसे बड़ी समस्या बन चुकी है, साल में लाखों हिन्दू लड़कियों का ब्रेनवोश करके लव जिहाद में फंसाया जाता है, कुछ हिन्दू लड़कियों से जबरन शादी कर लेते हैं, इसके पीछे मुस्लिम देश सऊदी अरब आदि की भारी फंडिग आती है जिसके जरिये मुस्लिम लड़के अपना असली नाम छुपाकर हिन्दू नाम रख लेते हैं और स्कूल, कॉलेजों के बाहर, हिन्दू इलाकों के आसपास बाइक लेकर घूमते हैं और किसी हिन्दू लड़की से मीठी-मीठी बात करके उसको फंसाकर उससे शादी कर लेते हैं उसके बाद उसको भयंकर प्रताड़ित किया जाता है, यहाँ तक कई हिन्दू लड़कियों ने लव जिहाद में फंसकर शादी के बाद आत्महत्या तक कर ली है ।
High Court's Dangerous Judgment,
Hindu girls will not be given rites if they do not waste time

हिन्दुओं के लिए लव जिहाद इतनी बड़ी समस्या बनी हुई थी और न्यायालय ने और एक मुसीबत खड़ी कर दी ।

मुम्बई उच्च न्यायालय का एक ऐसा फैसला आया है जिसे जानकार हिन्दू समाज के होश उड़ जायेंगे। जब हिन्दू लड़की लव जिहाद में फंसती है तो उसका उसके परिवार का धर्म तो जाता ही है लेकिन अब धर्म बदलकर मुस्लिम बनी लड़की के पिता का धन भी जायेगा। 

न्यायालय के इस फैसले के बाद हिन्दू माता-पिता को अपने बच्चों की परवरिश, संस्कार पर उनकी शिक्षा पर विशेष ध्यान देना चाहिए क्योंकि जो शिक्षा आप अपनी बेटी को अपने बच्चों को दोगे आपके दिए वही संस्कार, आपकी दी गयी वही परवरिश आपकी इज्जत को आपके मान सम्मान को आपके जीवन को तय करेगी ।

एक याचिका पर मुम्बई हाईकोर्ट ने फैसला दिया है कि भले ही लड़की ने धर्म बदलकर मुस्लिम या अन्य किसी समुदाय के लड़के से शादी कर ली हो लेकिन उसके बाद भी लड़की का पिता की संपत्ति पर अधिकार है तथा लड़की अपना दावा कर सकती है। दरअसल एक भाई ने दावा किया था कि उसकी बहिन ने धर्म बदलकर मुस्लिम लड़के से शादी कर ली है जिसके बाद मेरे पिता की संपत्ति पर उसका कोई अधिकार नहीं बनता। इसी पर मुम्बई हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया है।

मुम्बई हाईकोर्ट का ये फैसला निश्चित ही हिन्दू समुदाय के लिए काफी निराशाजनक है। इस फैसले के बाद निश्चित रूप से अब लव जिहाद की घटनाएँ बढेंगी क्यूंकि इसके माध्यम से लव जिहाद करने वाले मुस्लिमों को हिन्दू समाज की लड़की मिलने के साथ धन-दौलत, मकान-दुकान भी मिल जायेगा।  ये फैसला हिन्दू समाज में असंतोष व आक्रोश पैदा करेगा क्यूंकि एक तो लव जिहाद के कारण उनका धर्म तो जायेगा ही, धर्म तो नष्ट होगा ही लेकिन इसके साथ ही उनकी पसीने की मेहनत की कमाई भी वो लव जिहादी व्यक्ति ले जायेगा।

आपको बता दें कि लव जिहाद में फंसी लड़कियों के साथ शादी के बाद किसी मुस्लिम देश में बेचने के भी कई मामले सामने आये हैं और वहाँ उसको वैश्या बनाकर उसका खूब यौन शोषण किया जाता है और पिटाई भी की जाती है, कई जगहों से तो हिन्दू लड़कियों को आतंकवादियों को सौपने के मामले भी सामने आये हैं इसलिए सावधान रहें बेटियों को धर्म के संस्कार दें नहीं तो आगे जाकर आपकी लाडली बेटी का जीवन खतरनाक रूप ले सकता है।

हिन्दू लड़कियों को फंसाने के लिए जाति के अनुसार अरब देश पैसे दे रहा है, उसके आकंड़े भी सोशल मीडिया पर चल रहे हैं।

फँसाने के लिये घोषित किया गया लिस्ट  :-
सिक्ख लड़की = 9 लाख
पंजाबी हिन्दू लड़की = 8 लाख
हिन्दू ब्राह्मण लड़की = 7 लाख
हिन्दू क्षत्रिय लड़की = 6 लाख
हिन्दू वैश्य लड़की = 5 लाख
हिन्दू दलित लड़की = 2 लाख
हिन्दू जैन लड़की = 4 लाख
बौद्ध लड़की = 4.2 लाख

अब आपको प्रश्न होगा कि लव जिहाद क्यों किया जाता है?

उसका उत्तर है कि गैर मुसलमानों का शीघ्रता से ईस्लामीकरण हो । क्योंकि जब किसी भी जाति को समाप्त करना हो तो उनकी स्त्रियों को दूषित किया जाता है । जिससे कि वो अपने समाज में आत्म सम्मान खो दें और दूसरे समाज में जाने को बाध्य हो सकें । मुसलमान लड़के लव जिहाद द्वारा हिन्दू लड़कियों को फंसाकर उनकी सम्पत्ति के मालिक बन रहे हैं ।लव जिहाद का मुख्य उद्देश्य है अलतकियाह, ( गज़्वा ए हिन्द ) यानि भारत का ईस्लामीकरण ।

लव जिहाद की शिकार युवतियों की स्थिति नर्क
से बदतर होती है । जैसा कि कई लड़कियों को मुसलमानों के साथ विवाह के बाद उन्हें गौ-मांस खिलाया जाता है, तलाक देकर वैश्यावृत्ति के धंधे में धकेल दिया जाता है  या फिर उनको भारत की यात्रा पर आये अरब के शेखों को बेच दिया
जाता है । जो उनको अपने साथ अरब देशों में ले जाते हैं । वहाँ उनको 'नमकीन बेगम' के नाम से सम्बोधित किया जाता है, उन्हें गुलाम बनाकर उनका भयंकर यौन शोषण किया जाता
है । कई बार उनको नेपाल के माध्यम से पाकिस्तान भेजा जाता है , या फिर असम, त्रिपुरा या बंगाल से उनको बांग्लादेश भेजा जाता है।

अपनी बेटियां को बचाने के लिए माता-पिता को यह करना होगा...

1. बेटी के प्रतिदिन के आचार-विचार पर ध्यान दें । उसके विद्यालय अथवा महाविद्यालय आने-जाने का समय अपने पास लिखकर रखें !

2. बेटी के मित्र और सहेलियों का संपर्क क्रमांक अपने पास रखें । समय-समय पर उनसे अपनी बेटी के आचरण के विषय में पूछताछ करते रहें !

3. ‘स्कार्फ’ बांधने के कारण दोपहिए वाहन पर ‘लव जिहादी’के पीछे बैठी युवती को पहचानना कठिन होता है, यह जानकर उसके ‘स्कार्फ’ बांधने के संदर्भ में सावधान रहें ।

4. महाविद्यालय के कार्यक्रम में अन्य युवकों के साथ बेटी के सम्मिलित होने के विषय में समझ लें !

5. माध्यमिक विद्यालय और महाविद्यालयों के परिसर में भटकने वाले अपरिचित धर्मांध युवकों की जानकारी तुरंत हिन्दुत्ववादी संगठनों को दें !

6. नई वेशभूषा, अलंकार, बहुमूल्य ‘मोबाईल’, ‘कैमरा’ आदि वस्तुएं बेटी की आवश्यकताओं के अनुसार ही दें !

7. `लव जिहाद’की कुछ घटनाएं ‘मोबाईल’के कारण हुई हैं । इसलिए ‘बेटी के ‘मोबाईल’पर किसका दूरभाष आता है, इसका पता बीच-बीच में करते रहें ! बेटी के ‘मोबाईल’में संरक्षित (सेव) किया हुआ ‘लव जिहादी’ युवक का क्रमांक किसी अन्य नाम से भी हो सकता है, यह भी ध्यान में रखें !

8.  वयस्क होने पर युवती में शारीरिक एवं मानसिक परिवर्तन होते रहते हैं । इस काल में आप उससे प्रेमपूर्वक व्यवहार करें । उसमें अपनत्व की भावना जगाएं !

9. प्रतिदिन बेटी से थोडा समय अनौपचारिक संवाद कर उसके मन में क्या चल  रहा है, यह जान लें ! बेटी आपसे सहजता से बातचीत करे, परिवार में ऐसा वातावरण बनाए रखें !

10 . बचपन से ही बेटी पर हिन्दू धर्म के पारिवारिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक नीतिमूल्यों का संस्कार करें !

11 . हिन्दू वंश और हिन्दुस्थान में जन्म होने का अभिमान बेटीमें जागृत करें !

12. हिन्दू सभ्यता को शोभा देनेवाली वेशभूषा करने का संस्कार बेटी पर करें !

13. धर्मसत्संग, राष्ट्रपुरुषों से संबंधित कार्यक्रम आदि कार्यक्रमों में सम्मिलित होने के लिए बेटी को प्रोत्साहित करें !

14. हिन्दू संस्कृति, हिन्दू धर्म के ग्रंथ, हिन्दू धर्म का इतिहास, हिन्दू धर्म की श्रेष्ठता आदि का महत्त्व बेटी को बताएं !

15. बेटी को हिन्दूधर्म का तत्त्वज्ञान और आध्यात्मिक परंपरा की शिक्षा, अर्थात् धर्मशिक्षा दीजिए और उसके अनुसार आचरण करने हेतु प्रेरित करें !

बेटीको धर्मांध स्त्री के यातनामय जीवन से परिचित करवाएं !

‘बहुपत्नीत्व, बुरका, तलाक, आर्थिक परावलंबिता, मार-पीट और ढेर सारे बच्चों का झमेला, यह धर्मांध स्त्री के जीवन में आया हुआ नित्य का भोग है । इसका बोध प्रत्येक हिन्दू अभिभावक अपनी बेटियों को वयस्क होने से पूर्व ही कराएं ।

Thursday, March 8, 2018

विश्व महिला दिवस पर देशभर में उठी हिन्दू संत आसाराम बापू की शीघ्र रिहाई की मांग

March 8, 2018

🚩 अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर जगह-जगह पर महिलाओं के सम्मान में समारोह हो रहा था लेकिन नारी उत्तम संस्कार देने वाले संगठन "महिला उत्थान मंडल" ने आज कुछ अलग ही अंदाज में   #InternationalWomenDay मनाया ।

🚩आज ट्वीटर फेसबुक,वेबसाइट आदि पर देखा गया तो #महिला उत्थान मंडल द्वारा #देशभर में #बापू #आसारामजी की शीघ्र #रिहाई की #मांग करते हुए विभिन्न स्थानों पर रैलियां निकाली, धरने दिए तथा #कलेक्टर को राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री के नाम से ज्ञापन दिए गए ।
Asaram Bapu's demand for early release of Hindu saint
🚩महिला मंडल के सदस्यों ने कहा कि निर्भया कांड के बाद #नारियों की सुरक्षा हेतु बलात्कार-निरोधक नये #कानून बनाये गये । परंतु दहेज विरोधी कानून की तरह इनका भी भयंकर दुरुपयोग हो रहा है ।

🚩जैसे दहेज विरोधी अधिनियम में संशोधन किया गया ऐसे ही #POCSO कानून में भी संशोधन की सख्त आवश्यकता है।

🚩 कलेक्टर को ज्ञापन देते हुए उन्होंने कहा कि हिन्दू #संत #आसारामजी #बापू सदा हर वर्ग, हर प्राणी को ईश्वरीय सुख-शांति, आत्मिक निर्विकारी आनंद पहुँचाने का अथक प्रयास करते रहे हैं । #समाज, संस्कृति और विश्वसेवा के दैवी कार्य में #बापू आसारामजी का योगदान अद्वितीय है । 

🚩 #बापू #आसारामजी के ओजस्वी जीवन एवं उपदेशों से असंख्य लोगों ने व्यसन, मांस आदि बड़ी सहजता से छोड़कर संयम-सदाचार का रास्ता अपनाया है ।

🚩 एक 82 वर्षीय बुजुर्ग #संत, जिन्हें करोड़ों लोगों के जीवन में संयम-सदाचार जागृत करने व उन्हें भगवान के रास्ते चलाने तथा करोड़ों दुःखियों के चेहरों पर मुस्कान लाने का श्रेय जाता है, उनको जमानत मिलनी चाहिए । 

🚩सम्पादक, राजनेता, फिल्म स्टार, आतंकवादी आदि को भी जमानत मिल जाती है तो एक #हिन्दू संत जिन पर 4.5 साल से एक भी आरोप सिद्ध नहीं हुआ है और उन्हें जमानत तक भी नहीं मिल रही है ।

🚩जब हमारा #कानून एक आतंकवादी के प्रति भी उदारता का व्यवहार करता है तो एक निर्दोष संत को क्यों बेवजह सता रहा है ???

🚩 महिला उत्थान मंडल आपसे निवेदन करता है कि विश्व में भारतीय संस्कृति की ध्वजा फहरानेवाले, आध्यात्मिक क्रांति के प्रणेता, संयममूर्ति #संत #आसारामजी #बापू की समाज को अत्यंत आवश्यकता है ।

🚩 मंडल ने बताय की आज भी #देश की असंख्य महिलाएँ उनकी निर्दोषता के समर्थन में सड़कों पर आकर उनकी रिहाई की माँग कर रही हैं तो आपको इस बात पर अवश्य विचार करना चाहिए कि आरोप लगानेवाली दो महिलाएँ सच्ची हैं या हम #करोड़ों महिलाओं का अनेक वर्षों का अनुभव सच्चा है ।

🚩अतः हम आपसे निवेदन करती हैं कि उन्हें शीघ्रातिशीघ्र जमानत दी जाय, रिहा किया जाय।

🚩उन्होंने आगे कहा कि हिन्दू संत #आसाराम #बापू केस में आज तक न कोई ठोस सबूत मिला है और न ही कोई #मेडिकल आधार है...!!
बल्कि उन्हें #षड़यंत्र करके फंसाने के सैकड़ों प्रमाण सामने आये हैं ।

🚩 आरोप लगानेवाली #लड़की की मेडिकल जाँच करनेवाली #डॉ. #शैलजा वर्मा ने अपने बयान में स्पष्ट रूप से कहा कि “लड़की के शरीर पर जरा सा भी #खरोंच का निशान नहीं था और न ही प्रतिरोध के कोई निशान थे ।”

🚩 प्रसिद्ध न्यायविद् डॉ. #सुब्रमण्यम स्वामी ने केस अध्ययन कर बताया कि ‘‘लड़की के #फोन #रिकॉर्ड्स से पता लगा कि जिस समय पर वह कहती है कि वह कुटिया में थी, उस समय वह वहाँ थी ही नहीं और #बापू आसारामजी भी उस समय अपनी कुटिया में न होकर अपने भक्तों के बीच सत्संग कर रहे थे।

🚩 ‘अखिल भारतीय नारी रक्षा मंच’ की अध्यक्षा श्रीमती रुपाली दुबे ने कहा : ‘‘ हिन्दू संत आसाराम बापू से लाभान्वित हुए लोगों में महिलाओं की संख्या भी करोड़ों में है लेकिन विडम्बना है कि जिन #बापू आसारामजी ने नारी सशक्तीकरण एवं महिला जागृति के लिए #महिला उत्थान मंडलों की स्थापना की, #गर्भपात रोको #अभियान चलवाया, नारियों के शोषण के खिलाफ हमेशा आवाज उठायी, उन्हीं साजिशकर्ताओं का मोहरा बनी एक-दो महिलाओं के झूठे आरोपों के आधार पर 53 महीनों से एक #निर्दोष संत को जेल में रखा गया है । 

🚩 हिन्दू #संत #आसारामजी #बापू पर लगे आरोपों में से एक भी सिद्ध नहीं हुआ और न ही किसी जाँच में ऐसा कुछ सामने आया कि जिसके आधार पर 82 वर्ष की उम्र में ‘ट्राइजेमिनल न्यूराल्जिया’ की भयंकर बीमारी होने के बावजूद उनको जेल में रखा जाये। 
जमानत उनका संवैधानिक मौलिक अधिकार है लेकिन उन्हें यह भी नहीं मिल पाना बड़ा अपवाद और आपत्तिकारक है ।’’

🚩गौरतलब है कि जब से हिन्दू #संत #आसाराम #बापू जेल में गए हैं तबसे उनके #करोड़ों #भक्त समय-समय पर न्यायालय और #सरकार से उनकी रिहाई की माँग कर रहे हैं । कभी POCSO  कानून के विरुद्ध #रैली निकाल कर तो कभी #सोशल मीडिया का सहारा ले ट्विटर पर ट्रेंड चला कर।

🚩अब देखना ये है कि एक लड़की के कहने पर विश्विख्यात्  हिन्दू #संत #आसाराम #बापू को जेल में रखने वाली #सरकार इन लाखों लड़कियों की गुहार कब सुनेगी ?

🚩जिनकी सिर्फ #एक ही मांग है कि..
 ‘निर्दोष हिन्दू #संत #आसारामजी #बापू की शीघ्र रिहाई हो सह-सम्मान।'

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