Monday, October 22, 2018

भारत के एक महापुरुष जिन्होंने अंग्रेजों को भागने, की थी भविष्यवाणी...

22 October 2018

🚩"भारत भूमि मेरा शरीर है, कन्याकुमारी मेरे पैर हैं और हिमालय मेरा सिर"

🚩एक ऐसा उदघोष जो सत्य से उपजा हो जिसने करोड़ों निरुत्साहित लोगों के हृदय में उत्साह भरा हो, जिनके सिद्धांत, जिनके वचनों ने करोड़ों-करोड़ों उदास और हताश हृदय में फिर से उम्मीद जगाई हो ।
A great man of India who had escaped the British, predicted ...

🚩हम बात कर रहे हैं, भारत के एक महान संत, महान फिलॉसफर स्वामी रामतीर्थ जी की । स्वामी रामतीर्थ की गिनती सनातन धर्म के उन महान प्रतिनिधियों में होती है, जिन्होंने भारत के बाहर विदेशों में भी सनातन धर्म की ध्वजा लहराई हो । 

🚩स्वामी रामतीर्थ का जन्म 22 अक्टूबर 1873 में दीपावली के दिन पंजाब के गुजरावालां जिले के मुरारीवाला ग्राम में हुआ था । बचपन में इनका नाम तीर्थराम था । तीर्थराम बचपन से ही कुशाग्र बुद्धि के थे उन्होंने गणित विषय में  एम.ए. की पढ़ाई की थी तथा उसके बाद उसी कॉलेज में प्रोफेसर के रूप में नियुक्त हुए थे, वे अपने वेतन का एक बहुत बड़ा हिस्सा गरीब विद्यार्थियों की पढ़ाई के लिए खर्च करते थे । लाहौर में उन्हें स्वामी विवेकानंद के प्रवचन सुनने तथा सानिध्य प्राप्त करने का अवसर मिला । 

🚩1901 में प्रोफेसर रामतीर्थ ने लाहौर से अंतिम विदा ले हिमालय की ओर प्रस्थान किया तथा उसके बाद ग्रीष्मकाल में मध्यरात्रि में उन्होंने जीवन के सर्वोच्च लक्ष्य आत्म साक्षात्कार को प्राप्त कर लिया, जिसके बाद वे तीर्थराम से स्वामी रामतीर्थ हो गए और अपना जीवन उन्होंने लोक सेवा के लिए समर्पित कर दिया ।

🚩स्वामी रामतीर्थ ने भारत के साथ-साथ जापान, अमेरिका तथा मिस्र में भी ज्ञान का प्रचार-प्रसार किया । वे जहां भी गए वहां उन्होंने यही एक बात कही कि "आप लोग देश और ज्ञान के लिये सहर्ष प्राणों का उत्सर्ग कर सकते हैं । यह वेदान्त के अनुकूल है । पर आप जितना सुख साधनों पर भरोसा करते हैं उसी अनुपात में इच्छाएँ बढ़ती हैं। शाश्वत शान्ति का एकमात्र उपाय है आत्मज्ञान । अपने आप को पहचानो, तुम स्वयं ईश्वर हो ।"

🚩सन् 1904 में स्वदेश लौटने पर लोगों ने स्वामी राम से अपना एक समाज खोलने का आग्रह किया । राम ने बाँहें फैलाकर कहा, भारत में जितनी सभा समाजें हैं, सब राम की अपनी हैं । राम मतैक्य के लिए हैं, मतभेद के लिए नहीं; देश को इस समय आवश्यकता है एकता और संगठन की, राष्ट्रधर्म और विज्ञान साधना की, संयम और ब्रह्मचर्य की ।

🚩भारत के साथ तादात्म्य होने वाली भविष्यवाणी उन्होंने की थी-"चाहे एक शरीर द्वारा, चाहे अनेक शरीरों द्वारा काम करते हुए रामप्रतिज्ञा करता है कि बीसवीं शताब्दी के अर्धभाग के पूर्व ही भारत स्वतन्त्र होकर उज्ज्वल गौरव को प्राप्त करेगा । 

🚩1906 में दीपावली के दिन ही उन्होंने मृत्यु के नाम संदेश लिखकर गंगा में जलसमाधि ले ली ।

🚩रामतीर्थ के जीवन का प्रत्येक पक्ष आदर्शमय था वे एक आदर्श विद्यार्थी, आदर्श गणितज्ञ, अनुपम समाज-सुधारक व देशभक्त, दार्शनिक कवि और प्रज्ञावान सन्त थे ।

🚩स्वामी रामतीर्थ जी का एक संदेश था जोकि अत्यंत मार्मिक है उन्होंने कहा था कि "हिन्दी में प्रचार कार्य प्रारम्भ करो। वही स्वतन्त्र भारत की राष्ट्रभाषा होगी।" 
इस वचन से ही पता चलता है कि उनके हृदय में हिंदी भाषा का क्या महत्व था, लेकिन आज ये भारत का दुर्भाग्य ही कहना चाहिए कि यहां के लोगों को हिंदी बोलने में शर्म महसूस होती है और भारतवासी अपनी संस्कृति को भूलते जा रहे हैं ।

🚩ऐसी महान संस्कृति है हमारी जिसके सिद्धांतों का पालन करके तीर्थराम, स्वामी रामतीर्थ बन गए और आज सारा विश्व उन्हें वंदन करता है, उनके सिद्धांतों को मानता है । भारतीय संस्कृति की महिमा ही अद्भुत है, आजकल अधिकतर लोग जो थोड़ा बहुत पढ़ लिख लेते हैं तो स्वयं को ज्ञानी मान, अपनी संस्कृति से किनारा कर लेते हैं और अपने धर्म का अपमान करते हैं, उन्हें रामतीर्थ जी के जीवन से शिक्षा लेनी चाहिए । 

🚩स्वामी रामतीर्थ ने गणित जैसे विषय के प्रोफेसर होने के बावजूद अपनी संस्कृति का अपमान नहीं किया वरन उसका प्रचार-प्रसार किया । आज जहां भारत के लोग अपनी संस्कृति की महत्ता को भूल पाश्चात्य से प्रभावित हो रहे हैं वहीं पश्चिम के लोग भारतीय संस्कृति के सिद्धांतों और नियमों का पालन करते हैं । 

🚩हम बार-बार यही कहते आए हैं कि इमारत की नींव जितनी मजबूत होती है, इमारत उतना ही मजबूत होता है, ठीक ऐसे ही आध्यत्म सुखी जीवन का मूल है, जो व्यक्ति जितना आध्यत्मिक होता, उतना ही सुखी तथा उन्नत होगा ।

🚩हमारी संस्कृति में ऐसे ही कई बड़े-बड़े और महान संत हुए हैं जिनके आगे दुनिया झुकी है, लेकिन भारतवासियों ने ही उनकी कद्र नहीं की । स्वामी रामतीर्थ जी को भी उनके हयातिकल में निंदा, अपमान तथा कुप्रचार का शिकार होना पड़ा था
 
ठीक उसी प्रकार

🚩शंकराचार्य जयेंद्र सरस्वती जी, साध्वी प्रज्ञा जी, संत आसारामजी बापू जैसे कई संत हुए हैं जिन्होंने धर्म रक्षा के लिए अपना सारा जीवन दे दिया लेकिन इन्हीं भारतवासियों ने ही उनका अपमान किया, अतः राष्ट्रविरोधी ताकतों के इशारों पर चलने वाली मीडिया व अंग्रेजों के बनाए कानूनो पर भरोसा न करके हमारे महापुरुषों का आदर करिये तभी देश, संस्कृति टिकेगी जिससे हम सभी स्वस्थ्य, सुखी, सम्मानित जीवन जी सकेंगे और देश को फिर से विश्वगुरु बना सकेंगे ।

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सीबीआई अधिकारी राकेश अस्थाना के ख़िलाफ़ FIR दर्ज, हो सकती है गिरफ्तारी...

21 October 2018

🚩भारत देश में नेताओं व मुख्य अधिकारीयों से लेकर चपरासी तक अत्यधिक भ्रष्टाचार व्याप्त है, जिसकी वजह से आज देश में गरीबी है, यदि देश में भ्रष्टाचार खत्म हो  जाए तो सारी गरीबी, बेकारी खत्म हो जाएगी ।

🚩यदि भ्रष्टाचार निचले स्तर पर हो तो एक बार चल भी सकता है किंतु यदि देश की टॉप जांच एजेंसी सीबीआई का कोई कर्मचारी भ्रष्टाचार करे तो यह अत्यंत घिनौना कार्य है और उसमें भी यदि वह अधिकारी ऊंचे दर्जे का हो तो फिर देश किस राह पर जाएगा, इसका अंदाजा लगाना भी मुश्किल है ।
FIR against Rakesh Asthana, CBI officer may be arrested ...

🚩सीबीआई के दूसरे दर्जे के अधिकारी राकेश अस्थाना पर मोईन कुरैशी भ्रष्टाचार मामले में रिश्वत लेने का आरोप है । जनता का कहना है कि यदि अस्थाना जैसे ऊंचे दर्जे के अधिकारी पर भ्रष्टाचार के आरोप सिद्ध होते हैं तो उसकी सजा फांसी से कम की नहीं होनी चाहिए ताकि भ्रष्टाचारियों को सबक मिले तथा आगे चलकर कोई भी भ्रष्टाचार न करे । 

🚩आपको बता दें कि केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सी.बी.आई.) ने रिश्वत घोटाले में अपने एजेंसी के विशेष निर्देशक राकेश अस्थाना के खिलाफ एफ.आई.आर. किया है । इस सप्ताह की शुरुआत में ही अस्थाना का नाम एफआईआर में शामिल किया गया था ।
राकेश अस्थाना सीबीआई में दूसरे दर्जे के अधिकारी हैं। 

🚩इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक इस मामले में सीबीआई ने मंगलवार को एफ.आई.आर. दायर किया, जिसमें मोईन कुरैशी भ्रष्टाचार मामले में एक बिजनेसमैन से रिश्वत मांगने और लेने के आरोप में राकेश अस्थाना का नाम आरोपी नंबर एक के रूप में शामिल किया गया है ।

🚩मोईन कुरैशी भ्रष्टाचार मामले की जांच विशेष जांच दल (एस.आई.टी.) कर रही थी और अस्थाना इस टीम के अध्यक्ष थे ।

सूत्रों ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि मजिस्ट्रेट के सामने धारा 164 के तहत सीबीआई ने टेलीफोन इंटरसेप्ट्स, व्हाट्सएप मैसेजेस, पैसे की हेरा-फेरी (मनी ट्रेल) और एक बयान दर्ज कराया है।

🚩इससे पहले सीबीआई ने 21 सितंबर को कहा था कि उन्होंने केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) को इस बात की जानकारी दी थी कि वे राकेश अस्थाना के खिलाफ छह भ्रष्टाचार मामलों में जांच कर रहे हैं ।

🚩सीबीआई ने यह भी कहा था कि अस्थाना निर्देशक आलोक वर्मा की छवि भी धूमिल करने की कोशिश कर रहे हैं और वर्मा के खिलाफ सीवीसी में शिकायत कर के उनके खिलाफ जांच में शामिल अधिकारियों को डराने की कोशिश कर रहे हैं ।

🚩राकेश अस्थाना ने अलोक वर्मा के खिलाफ शिकायत करते हुए केंद्र सरकार को पत्र लिखा था कि वर्मा उनके द्वारा की जा रही जांच में हस्तक्षेप कर रहे हैं और उन्हें अपमानित किया जा रहा है ।

🚩हैदराबाद के कारोबारी साना सतीश की शिकायत पर दुबई स्थित बिचौलिया मनोज प्रसाद की गिरफ्तारी के बाद सीबीआई ने अस्थाना के खिलाफ कदम उठाया है। कुरैशी भ्रष्टाचार के मामले में प्रसाद की भूमिका को लेकर अस्थाना की निगरानी में सीबीआई तथा एसआईटी द्वारा जांच की जा रही थी ।

🚩कुरैशी पर फरवरी 2014 में आयकर विभाग द्वारा छापा मारा गया था । उस समय तत्कालीन सीबीआई निर्देशक एपी सिंह के साथ उसके ब्लैकबेरी मैसेंजर (बीबीएम) संदेशों को बरामद किया गया था ।

🚩इसके बाद सिंह को संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) के सदस्य के पद से इस्तीफा देना पड़ा था । इसके तीन साल बाद फरवरी 2017 में सीबीआई द्वारा केस दर्ज किया गया । यह राकेश अस्थाना की अध्यक्षता में एसआईटी द्वारा जांच किए जाने वाले कई महत्वपूर्ण मामलों में से एक था ।

🚩सतीश ने 4 अक्टूबर को मजिस्ट्रेट के समक्ष एक बयान दिया था, जिसमें अस्थाना, बिचौलिया प्रसाद और प्रसाद के रिश्तेदार सोमेश श्रीवास्तव का नाम था । उसने बताया कि किस तरह सीबीआई मामले से दूर रहने के लिए उसने दिसंबर 2017 से लेकर 10 महीने तक में तीन करोड़ रुपये का भुगतान किया था ।

सतीश ने कहा कि ज्यादा पैसे देने के लिए उसे सीबीआई अधिकारियों द्वारा प्रताड़ित भी किया गया था।

🚩मनोज प्रसाद के निर्देश पर, पूछताछ के लिए एसआईटी के सामने उपस्थित होने से बचने के लिए 9 अक्टूबर को 25 लाख रुपये का कथित रूप से भुगतान किया गया था।

राहत मिलने के बाद, प्रसाद सुबह 16 अक्टूबर को 1.75 करोड़ रुपये इकट्ठा करने के लिए दुबई से दिल्ली गया, जहां उसे सीबीआई टीम ने गिरफ्तार कर लिया ।

🚩एफआईआर में कहा गया है कि रॉ के दूसरे नंबर के अधिकारी सामंत कुमार गोयल, मनोज और सोमेश दोनों को अच्छी तरह जानते हैं और इन दोनों के लगातार संपर्क में रहे हैं । सूत्रों ने बताया कि गोयल का नाम आरोपी के तौर पर शामिल नहीं किया गया है, लेकिन इनकी भूमिका जांच के घेरे में हैं ।

🚩इस मामले के अलावा सीबीआई के नवनियुक्त स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना पर 4,000 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिग मामले में शामिल होने का आरोप है, जिसकी जांच ख़ुद सीबीआई कर रही है ।


🚩भ्रष्टाचार एक #बीमारी की तरह है। आज देश में भ्रष्टाचार तेजी से बढ़ रहा है। इसकी जड़ें तेजी से फैल रही हैं । यदि समय रहते इसे नहीं रोका गया तो यह पूरे देश को अपनी चपेट में ले लेगा । आज भारत का नीचे से लेकर ऊपर तक हर तबका इस बीमारी से ग्रस्त है । आज भारत में ऐसे कई व्यक्ति मौजूद हैं जो भ्रष्टाचारी है । सरकार भ्रष्ट हो तो जनता की ऊर्जा भटक जाती है । देश की #पूंजी का रिसाव हो जाता है । #भ्रष्ट अधिकारी और नेता इक्कट्ठा किए कलगे धन को #स्विट्जरलैण्ड भेज देते हैं ।

🚩यह सच है कि भारत महाशक्ति बनने के करीब है परन्तु हम भ्रष्टाचार की वजह से इससे कहीं दूर होते जा रहे हैं । भारत को महाशक्ति बनने मे जो सबसे रोड़ा है वो है कुछ भ्रष्ट नेता,
भ्रष्ट सरकारी अधिकारी व कुछ भ्रष्ट मीडिया के लोग आदि ।

🚩जब देश की सबसे बड़ी निष्पक्ष जांच एजेन्सी सीबीआई के अधिकारी अगर भ्रष्टाचार करेंगे तो देश किस दिशा में जाएगा ? देश में न्याय जैसा कुछ बचेगा ही नहीं इसलिए जो भी भ्रस्ट अधिकारी पकड़े जाएं उनके लिए फाँसी की सजा निर्धारित हो जिससे आगे चलकर भ्रष्टाचारियों को सबक मिले और आगे कोई भी भ्रष्टाचार न करे ।

🚩भ्रष्टचार मुक्त भारत का निर्माण करने में जनता की भूमिका भी महत्वपूर्ण है, जनता को भी इसमें जागरुक रहना होगा कि किसी को रिश्वत न दे और यदि कोई रिश्वत मांगता है तो उसे सीधा कानून के हवाले कर देना चाहिए, जिससे भ्रष्टाचार बन्द हो जाए ।

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Saturday, October 20, 2018

आप भी जानिए वर्तमान में आसाराम बापू को लेकर लोगों की क्या मान्यता है ??

20 October 2018
http://azaadbharat.org
🚩हिन्दू संत आसाराम बापू पिछले 5 साल 2 महीने से जोधपुर जेल में बंद हैं, लेकिन उनके करोड़ों समर्थकों की श्रद्धा आज भी उनमें ज्यों की त्यों है ।

🚩 भक्तों को तो कोई भी अंधभक्त कह सकता है, पर आम जनता का उनके केस को लेकर क्या कहना है, ये भी जानना आपके लिए बेहद जरूरी है ।
🚩अभी कुछ दिन पहले केरल की नन ने जालंधर के ईसाई पादरी फ्रैंको मुलक्कल पर कई बार रेप करने का आरोप लगाया था, उनके समर्थन में कई नने भी सामने आई थी, जिसके कारण पिछले महीने बिशप को केरल की पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था पर उसे 21 दिन में ही जमानत दे दी गई, वहीं दूसरी ओर हिन्दू संत आसाराम बापू को 5 साल में 1 दिन भी जमानत नहीं दी गई, जिसके कारण जनता में भारी रोष देखने को मिला ।
You also know what is the belief of people
 about Asaram Bapu presently?

🚩आइये जानते हैं जनता ने सोशल मीडिया पर इसको लेकर क्या प्रतिक्रिया दी ?
🚩1.)सुप्रीम कोर्ट के वकील इशकरण भंडारी जी कहते हैं कि एक तरफ तो केरल के बिशप फ्रैंको मुल्लकल जिसके समर्थन में उसका पूरा समुदाय खड़ा था और पूरी तरह से सक्रिय भी था ।
और दूसरी ओर जिस तरह से आसाराम बापू जी को उनके ही लोगों ने दोषारोपण करके उनके केस को न तो पूरा पढ़ा और न सच्चाई जानने की कोशिश की, बस सब मीडिया द्वारा दिखाई गयी खबरों के आधार पर माना गया ।
इससे साफ होता है कि हमारे देश पर उदार परितंत्र शासन कर रहा है।
https://twitter.com/Ish_Bhandari/status/1051721213242945536?s=19
🚩2.) सुदर्शन न्यूज़ चैनल के संस्थापक सुरेश चव्हाणके जी ने लिखा है कि 13 बार के बलात्कारी पादरी को तो 21 दिन में बेल । लेकिन ज़िनके FIR में भी बलात्कार का आरोप नहीं लिखा है उन #आसाराम_बापू को पाँच साल में एक दिन भी ज़मानत नहीं मिली क्योंकि उन्होंने धर्मांतरण की दुकानों को बंद किया था। #ईसाई कितने शक्तिशाली हैं यह बताने के लिए यह बड़ा उदाहरण है । https://twitter.com/SureshChavhanke/status/1051885698788155392?s=08
🚩3.) आशीष जैन जी का कहना है कि आसाराम बापू को बेल नहीं दी गई क्योंकि वो ईसाई धर्मान्तरण के खिलाफ लड़ रहे थे ।
वो सदैव हिंदुत्व के साथ ही थे किंतु मूर्ख हिंदुओं ने उनपर #MeToo के लिए दोषारोपण किया ।
मैं प्रार्थना करता हूँ कि वो बिना जमानत के ही जेल से बाहर आ जाएं ।
https://twitter.com/jain78ak/status/1051734674119086080?s=19
🚩4.) राजेश तामडे़त जी ने व्यंग करते हुए, देश के कानून की दोहरी छवि पर सवाल उठाते हुए कहा कि गजब है भाई.. इतने संगीन आरोप होने के बाद भी इन्हें बेल मिल गया.. वहीं आशाराम बापू अब भी जेल में हैं... अंग्रेज चले गए पर अपने कानून छोड़ गए...
जाने किसे सजा दे दें, जाने किसे रफा दे दें...
https://twitter.com/RajeshTamret/status/1051718640490274816?s=19
🚩5.) सचिन जी का कहना है कि जज साहब का निर्णय उन्हें संदेह के घेरे में लाता है,,,,  हिंदुओ का धर्म परिवर्तन नहीं होने देने वाले, फर्जी आरोप में बिना सबूत के सालों से जेल में हैं
और धर्म परिवर्तन, रेप करने वाले कुछ ही दिन में बाहर आ गए !
लगता है मोटा चढ़ावा चढ़ा है ।
🚩6.) शकरजीत भदौरिया जी कहते हैं कि
देख लो भाईसाहब, ये है रोम की ताकत
क्रिस्चियन धर्म के लोगों ने विरोध किया नहीं
उनके खिलाफ एक भी व्यक्ति नहीं बोला
न्यूज चैनलों से रिपोर्ट ही गायब रही
अपने यहाँ न्यूज़ चैनलों ने आसाराम बापू के खिलाफ 3 महीने तक लगातार नौटंकी चलाई कितनो ने विरोध किया हमने खुद धर्म का मज़ाक बनाया है ।
https://twitter.com/ShakrajeetB/status/1052045154490564608?s=19
🚩7.) करुणासागर जी लिखते हैं कि फ्रैंको मुल्लकल (54) को चर्च में नन के साथ बार-बार बलात्कार करने के जुर्म में गिरफ्तारी के 3 ही हफ्तों में बेल मिल गई...
आसाराम बापू (74) के केस में छेड़छाड़ के मामले में 2013 से बेल खारिज की गई...
पहले तो उपद्रव चयनात्मक हुआ करते थे अब तो बेल भी चयनात्मक हो गई,
शर्मनाक
https://twitter.com/karunasagarllb/status/1051753782646697984?s=19
🚩8.) जवाहर मंगलमपाल जी कहते हैं कि तो, हमारी न्याय व्यवस्था क्या चर्च के साथ मिलकर फैसला देती है ? और क्या मस्जिद के ऊपर सख्ती से कार्यवाही करने से डरती है ? देश/जनता अब निश्चित ही मान रही है कि न्याय व्यवस्था पक्षपातपूर्ण व्यवहार करती है हिन्दू/हिंदुत्व के साथ ।  क्यूँ आशाराम बापूजी को बेल नहीं मिली जबकि बिशप को मिली? क्या अब ये न्यायपालिका के ऊपर है कि वो किस पर खरी उतरती है ?
https://twitter.com/JMangalampall/status/1051870648228691969?s=08
🚩9.) उधय शंकर जी का कहना है कि  ऐसा लगता है कांग्रेस की सरकार नहीं है फिर भी ये राष्ट्र हिंदुओं के लिए नहीं है, क्या न्यायालय के फैसले मीडिया के चयनात्मक उपद्रवों पर आधरित होते हैं ? फ्रैंको की तुलना में आसाराम बापू के ऊपर लगे आरोपों को दिखाने में मीडिया द्वारा करीब 100 गुणा अधिक समय दिया गया था जबकि फ्रैंको के ऊपर लगे आरोप ज्यादा संगीन हैं ।
https://twitter.com/UDHAYSHANKARTR/status/1051909908910682112?s=19
🚩10.)निशांत जी लिखते हैं कि लेकिन आसाराम बापू को उसी प्रकार के अपराध के लिए सालों से बेल नहीं मिली । क्या कोई  बिशप के केस में मिले इस विशेष मेरिट की व्याख्या कर सकता है?
यहाँ तक कि प्रमुख वकील राम जेठमलानी भी न्यायपालिका को आसाराम के कानूनी मामले पर जमानत देने के लिए नहीं मना पाए ।
यहाँ इस तरह के दो फैसले क्यों ?
https://twitter.com/_nishantsir/status/1051847887313747970?s=19
11. प्रशान्त पटेल उमराव लिखते है कि रेपिस्ट बिशप फ्रैंको के समर्थन में पूरा समुदाय व चर्च खड़ा था और उसे जमानत मिल गयी परंतु चर्च के धर्मांतरण के विरुद्ध लड़ने वाले आसाराम बापू के फर्जी केस में फंसने पर उन्हें गाली देने वाले स्वधर्मी ही हैं । फिर भी आप पूँछते हैं कि लेफ्ट का इकोसिस्टम कैसे भारत में राज कर रहा है ?
https://twitter.com/ippatel/status/1051745760692162560?s=19
🚩ऐसी हजारों ट्वीट्स के द्वारा जनता ने आसाराम बापू के साथ हुए अन्याय को लेकर कानून व्यवस्था पर गहरी नाराजगी जताई है ।
🚩जनता का कहना है कि एक ईसाई पादरी जो धर्मांतरण करवाता है उसे कानून तुरन्त जमानत दे देता है पर जिन संत आसाराम बापू ने धर्मान्तरण पर रोक लगाई, उनकी जमानत की अर्जी को 5 साल से रिजेक्ट किया जा रहा है ।
🚩भारत के इतिहास में कानूनी प्रक्रिया का ऐसा दोगलापन देखकर जनता का मानना है कि न्याय के दोहरे मापदंड से यह लगता है कि ईसाई पादरियों के लिए सब कुछ माफ है, क्या बिशप की जगह कोई हिंदू संत होता तो कोर्ट उसे जमानत दे देता ? कहने को हम आज़ाद हो गए पर विदेशी कानून और उनका प्रभुत्व आज भी जिंदा है ।  न्यायपालिका आज जनता के बीच हंसी का पात्र बनती जा रही है ।
🚩गौरतलब है कि 25 अप्रैल 2018 को हिन्दू संत आसाराम बापू को जोधपुर सेशन कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुना दी, लेकिन सजा सुनकर अधिकतर जनता ने सवाल उठाया कि जब मेडिकल रिपोर्ट में कोई प्रूफ नहीं है, लड़की उस समय घटना स्थल पर थी ही नहीं फिर सजा कैसे सुना दी, आश्चर्य है !
🚩आपको बता दें कि आरोप लगाने वाली लड़की ने बताया था कि बापू आसारामजी के सेवादार शिवा ने लड़की को बुलाया था और उनके कमरे तक पहुंचाया था, लेकिन कोर्ट ने शिवा को निर्दोष बरी कर दिया, कोर्ट ने बताया कि शिवा तो उस समय वहाँ था ही नहीं । तो बड़ा सवाल ये है कि जब शिवा वहाँ था ही नहीं तो फिर लड़की अंदर कैसे गई ? इससे साफ पता चलता है कि लड़की झूठ बोल रही है ।
🚩दूसरी बात कि एफ.आई.आर. में कहीं भी बलात्कार किया ऐसा नहीं लिखा है, छेड़छाड़ की है ऐसा लिखा है, लड़की का मेडिकल भी हुआ था उसमें भी दर्शाया गया कि लड़की को एक खरोंच तक नहीं आई, मतलब कि रेप तो छोड़ो छेड़छाड़ भी नहीं हुई है ।
🚩लड़की के कॉल डिटेल के अनुसार घटना की रात लड़की सतत किसी संदिग्ध व्यक्ति के संपर्क में थी और बापू आसारामजी किसी सगाई कार्यक्रम में व्यस्त थे जहाँ सैकड़ों लोग मौजूद थे ।
🚩इन सारे तथ्यों को देखकर लगता है कि हिन्दू संत आसाराम बापू जिस तरह से पूरे विश्व में हिंदुत्व का प्रचार-प्रसार कर रहे थे और धर्मान्तरण पर रोक लगा रहे थे और करोड़ों लोगों को सन्मार्ग पर ले जा रहे थे जिसके कारण लोगों ने व्यसन, व्यभिचार, बुरी आदतें छोड़ दी और लोग घरेलू उपाय से स्वस्थ होने लगे थे, जिसकी वजह से विदेशी कम्पनियों को अरबों-खरबों रुपयों का नुकसान हुआ, परिणामस्वरूप कुछ नेताओं और मीडिया से मिलकर ईसाई मिशनरियों और विदेशी कंपनियों ने षड्यंत्र के तहत आसारामजी बापू को अंदर करवा दिया, जिससे फिर से वे भारत पर अपना प्रभुत्व जमा सकें ।
🚩लेकिन कहते है न कि "सत्य को परेशान किया जा सकता है पर पराजित कभी नहीं" ऐसे ही भले हिन्दू संत आसाराम बापू को सेशन कोर्ट ने सजा सुना दी पर ऊपरी कोर्ट से वे अवश्य निर्दोष बरी होंगे ऐसा जनता को आज भी विश्वास है ।
🚩पहले भी ऐसे कई केस हुए हैं कि जिसमें निचली कोर्ट ने सजा सुना दी और ऊपरी कोर्ट द्वारा निर्दोष बरी हुए, जैसे कि द्वारका के केशवानंदजी को बलात्कार के केस में 12 साल की सजा हुई और ऊपरी कोर्ट ने 7 साल बाद निर्दोष बरी किया, शंकरचार्य जयेंद्र सरस्वती, स्वामी नित्यानंद जी आदि को भी ऊपरी कोर्ट ने निर्दोष बरी किया था, आरुषि हत्याकांड में तलवार दंपति को उम्रकैद की सुना दी गई और ऊपरी कोर्ट ने 9 सालों बाद उन्हें निर्दोष बरी कर दिया, ऐसे ही आज भले बापू आसारामजी को उम्रकैद की सजा सुना दी गई है पर ऊपरी कोर्ट से वे भी निर्दोष बरी होंगे, ऐसा बुद्धिजीवी लोगों का कहना है ।
🚩अब सवाल ये है कि जब वे निर्दोष बरी होंगे तब उनका जेल में बर्बाद हुआ समय, पैसे, इज्जत वापिस कौन लौटाएगा ? देरी से न्याय मिलना भी अन्याय के बराबर है । इसपर न्यायप्रणाली को ध्यान देना अत्यंत जरूरी है ।
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