Monday, February 8, 2021

छः राज्यों के मुख्यमंत्री बोले 14 फरवरी को मनाओ मातृ-पितृ पूजन दिवस

08 फरवरी 2021


 देश के कई राज्यों की सरकार जान चुकी है कि वेलेंटाइन डे से समाज और देश को अत्यधिक नुकसान हो रहा है उसे रोकने का विकल्प जरूरी है इसलिए 2006 से 14 फरवरी का दिन मातृ-पितृ पूजन दिवस के रूप में मनाने का विकल्प रखा गया है अब उसे और अधिक व्यापक बनाना होगा इसलिए वर्तमान में देश के कई मुख्यमंत्रियों, राज्यपाल एवं मंत्रियों ने इसकी भूरी-भूरी प्रशंसा की और इसे व्यापक रूप से मनाने की घोषणा भी कर रहे हैं।




मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी ने पत्र द्वारा बताया कि मुझे यह जानकर खुशी है कि श्री योग वेदांत सेवा समिति, 14 फरवरी का दिन 'मातृ-पितृ की पूजन दिवस' के रूप में मना रहे हैं।

उन्होंने आगे बताया कि पिछले कुछ दशकों से समाज एवं समाज की सामाजिक संरचना काफी हद तक बदल गयी है । इसलिए, युवा पीढ़ी में भारतीय संस्कृति के मूल्यों और आदर्शों को विकसित करना आवश्यक है। प्रशंसनीय है कि श्री योग वेदांत सेवा समिति छात्रों के चरित्र निर्माण की गतिविधियों में सक्रिय रूप से शामिल है।

योगी जी ने यह भी कहा कि मुझे उम्मीद है कि यह कार्यक्रम अपने उद्देश्यों को प्राप्त करने में सफल रहेगा । मेरी शुभकामनाएं इस कार्य के लिए हैं।

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ने संदेश द्वारा दी शुभकामनाएं..

हिमाचल के मुख्यमंत्री श्री जय राम ठाकुर ने बताया कि मुझे यह जानकर खुशी है कि श्री योग वेदांत सेवा समिति ने 14 फरवरी का दिन माता-पिता की पूजा दिवस के रूप में मनाया और इस अवसर को यादगार बनाने के लिए भिन्न-भिन्न स्थानों पर हुए मातृ-पितृ पूजन के आयोजन का एक संकलन भी समिति के द्वारा साथ में लाया जा रहा है। हमें बचपन से बच्चों में नैतिक मूल्यों के संस्कार भरने चाहिए और प्राचीन भारत की परंपराओं, रीति-रिवाजों और संस्कृति के बारे में उन्हें जागृत करना चाहिए ताकि वे अपने बड़े-बुजुर्गों का सम्मान और परंपराओं का पालन करना सीख सकें । मेरा मानना ​​है कि संस्कृति और रीति-रिवाज हमारे समाज का अभिन्न अंग है और इसे हर तरह से संरक्षित किया जाना चाहिए।

आपको बता दें कि असम के मुख्यमंत्री श्री सर्वानंद सोनोवाल जी एवं गुजरात के मुख्यमंत्री श्री विजय रुपाणी जी ने भी 14 फ़रवरी को मातृ-पितृ पूजन की भारी प्रशंसा की है और वैलेंटाइन डे की जगह मातृ-पितृ पूजन मनाने की अपील की है। आपको बता दें कि इन सभी ने पिछले साल पत्र लिखकर अपनी शुभकामनाएं प्रेषित की थी।

झारखंड के मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन ने संदेश के माध्यम से बताया कि मुझे यह जानकर प्रसन्नता हो रही है कि अखिल भारतीय योग वेदांत सेवा समिति, अहमदाबाद के मार्गदर्शन में युवा सेवा संघ, बाल संस्कार विभाग, रांची द्वारा गत वर्ष की भांति इस वर्ष भी 14 फरवरी, 2021 को मातृ-पितृ पूजन दिवस का कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।

वर्तमान समय में पाश्चात्य सभ्यता की चका - चौंध में हमारे बच्चे अपने अपने माता-पिता, गुरुजनों एवं बड़ों के प्रति आदर करना छोड़ते जा रहे हैं, बच्चों में असंतोष बढ़ रहा है, हर तरफ निराशा का वातावरण बन गया है। वर्तमान परिवेश में मातृ-पितृ पूजन दिवस का आयोजन करना एक सराहनीय कदम है।
   
 मैं मातृ-पितृ पूजन दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम की सफलता की कामना करता हूँ, तथा सभी बच्चों एवं युवाओं को शुभकामना देता हूँ।

 राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने बताया कि मुझे यह जानकर प्रसन्नता है कि अखिल भारतीय श्री योग वेदांत सेवा समिति , अहमदाबाद के सौजन्य से पिछले 15 वर्षों से 14 फरवरी को " मातृ - पितृ पूजन दिवस " का आयोजन किया जा रहा है । मानव के जन्म से लेकर जीवन पर्यन्त माता - पिता का त्याग और समर्पण अपने आप में महत्वपूर्ण है । छत्तीसगढ़ में भी वर्ष 2012 से माता , पिता और गुरुजनों के प्रति सम्मान की भावना जगाने के लिए 14 फरवरी को ऐसे आयोजन किए जा रहे हैं। आशा है इस दिवस पर पारिवारिक और सामाजिक सरोकारों से संबद्ध कार्यक्रम नई पीढ़ी में माता - पिता के उपकारों के प्रति चिंतन के साथ सामाजिक समरसता का संचार करने की दृष्टि से प्रेरणादायक सिद्ध होंगे । मैं मातृ - पितृ पूजन दिवस कार्यक्रम की सफलता के लिए अपनी शुभकामनाएं प्रेषित करता हूँ।

गुजरात के उपमुख्यमंत्री ने मातृ-पितृ पूजन की सरहाना की

गुजरात के उपमुख्यमंत्री श्री नितिन पटेल ने संदेश द्वारा बताया कि श्री योग वेदांत सेवा समिति द्वारा 14 फरवरी को मातृ-पितृ पूजन दिवस मनाया जा रहा इसको सुनकर बहुत प्रसन्नता हुई।

आगे बताया कि विद्यार्थियों में सुसंस्कार का सिंचन हो इसलिए अधिक से अधिक स्कूलों-कॉलेजों में मातृ-पितृ पूजन होना चाहिए। यह कार्यक्रम सफलतापूर्वक हो यही शुभकामनाएं करता हूँ।

गौरतलब है कि 14 फरवरी को युवक-युवतियों द्वारा वैलेंटाइन डे मनाया जा रहा था जिसके कारण उन्हें अत्यधिक हानि हो रही थी इसलिए सन 2006 से हिन्दू संत आसाराम बापू ने 14 फरवरी को मातृ-पितृ पूजन दिवस मनाने की घोषणा की, तबसे लेकर आजतक घरों, स्कूलों, कॉलेजों, गांवों, नगरों, शहरों आदि में विश्वव्यापी अभियान चलाये जा रहे हैं जिसके कारण विदेशी कम्पनियों को खरबों का नुकसान भी हुआ है लेकिन इसका सबसे अधिक फायदा हमारी युवा पीढ़ी को हुआ, युवक-युवतियों की जो हानि हो रही थी उससे वे बच गए और माता-पिता को सम्मान देना शुरू कर दिया, जिसके कारण घरों की खोई हुई खुशहाली भी लौट आयी।

समस्त देशवासियों को 14 फरवरी के दिन वैलेंटाइन डे की जगह मातृ-पितृ पूजन दिवस मनाना चाहिए।

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