Thursday, May 4, 2017

अमेरिकन इतिहास में पहली बार भारतीय हिन्दू संत की धूम

अमेरिकन इतिहास में पहली बार भारतीय हिन्दू संत की धूम..

कैलिफोर्निया:- सैन जोस जिला शिक्षा विभाग (बेरीएस्सा यूनियन स्कूल डिस्ट्रिक्ट) #कैलिफोर्निया ने इस वर्ष हिन्दू संत आशारामजी बापू द्वारा प्रेरित तथा श्री योग वेदान्त सेवा समिति द्वारा आयोजित “मातृ-पितृ पूजन दिवस” के प्रचार की ना केवल अनुमति दी बल्कि इसके प्रचार पर अधिकारिक मोहर भी लगाई।

प्रधान टाइम मीडिया प्रभारी #नीलू अरोड़ा ने जानकारी देते हुये बताया कि शिक्षकों के सहयोग से हिन्दू संत आसारामजी बापू के श्री चित्र वाला “#मातृ-पितृ पूजन दिवस” का पोस्टर जिले के 11 से अधिक विद्यालयों के हजारों अमेरिकन बच्चों तथा अभिभावकों तक पहुँचा। 
matri_pitri_pujan_diwas_-_a_day_to_honor_your_parents

स्वयं प्राचार्यों ने अभिभावकों को पोस्टर सहित ईमेल भेजे। #विद्यालयों के #नोटिस बोर्ड तथा कक्षाओं में भी बच्चों को कार्यक्रम के बारे में बताया गया व घर ले जाने के लिए फ्लायर भी दिये गये। इसके अतिरिक्त सैन #जोस लाइब्रेरी के कर्मचारियों ने भी लाइब्रेरी के बाहर तथा वेबसाइट पर “मातृ-पितृ पूजन दिवस” का पोस्टर लगाकर इसका प्रचार किया। 

पब्लिक लाइब्रेरी की #वेबसाइट पर इवेंट का लिंक:

सिएरामोंट मिडल स्कूल के प्राचार्य द्वारा शिक्षा विभाग से अनुमोदन की #स्टैम्पवाला पोस्टर व ईमेल 1200 बच्चों के अभिभावकों को भेजा गया।
साथ ही लेनव्यू #एलीमेंट्री स्कूल के हर बच्चे को “मातृ-पितृ पूजन दिवस”  का फ्लायर दिया गया।

इस स्कूल में बच्चों की संख्या 600 है। कई अन्य स्कूलों में जैसे रस्किन एलीमेंट्री स्कूल, मोर्रील्ल मिडल स्कूल, मेजेस्टिक वे एलीमेंट्री स्कूल, विंन्सी #एलीमेंट्री स्कूल, नोबल एलीमेंट्री स्कूल, टोयोन #एलीमेंट्री स्कूल में भी “#मातृ-पितृ पूजन दिवस” के कार्यक्रम की जानकारी स्कूल द्वारा पोस्टर लगा कर, शिक्षकों द्वारा बच्चों को बताकर तथा फ्लायर बांटकर दी गयी। पीडमोंट #हाईस्कूल में भी पोस्टर दिए गये जबकि यह स्कूल दूसरे जिले में आता है फिर भी उन्होंने आपत्ति नहीं की।

उल्लेखनीय है कि भारत के विभिन्न स्कूलों में भी जनवरी-फरवरी-मार्च-अप्रैल माह से “मातृ-पितृ पूजन दिवस” #कार्यक्रम मनाया जाता रहा है जिसमें सभी धर्मों के #माता-पिता व बच्चे सम्मिलित होते रहे हैं।  इस पर्व से माता-पिता तथा बच्चों के बीच की दूरियाँ खत्म हुई हैं और सभी बच्चों व माता-पिताओं की यह हार्दिक इच्छा रही कि हर साल इसी तरह से स्कूलों में यह दिवस मनाया जाता रहे ताकि इन सुसंस्कारों से भारत अपने प्राचीन गौरव को पुन: प्राप्त कर सके।

गौरतलब है कि हिन्दू संत #आसारामजी बापू ने 2006 से 14 फरवरी #वेलेंटाइन डे की जगह "मातृ-पितृ पूजन" शुरू किया था तबसे लेकर आज तक करोड़ो #विद्यार्थी इस दिन माता-पिता का पूजन करते हैं और माता-पिता का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं ।

हिन्दू संत आसारामजी बापू जेल जाने के पीछे का कारण?

जबसे हिन्दू संत #आसारामजी बापू ने मातृ-पितृ पूजन शुरू किया है तबसे विदेशी कम्पनियों को अरबो-खरबों का लॉस हो रहा था क्योंकि उनके बड़े-बड़े गिफ्ट,गर्भ निरोधक सामग्री, #दवाइयां एवं #चॉकलेट आदि सामग्री बिकना बन्द हो गई थी।

आपको बता दें कि संत आसारामजी बापू के प्रवचन करीब 200 देशों में लोग सुनते थे,जिसमें वे उत्तम #स्वास्थ्य के लिए ध्यान, #प्राणयाम,योग और घरेलू उपचार करने के सरल उपाय बताते थे और साथ-साथ में अंग्रेजी दवाइयों के साइड इफेक्ट भी बताते थे जिससे करोड़ो लोग अंग्रेजी #दवाइयां छोड़कर उनके बताए उपायों से ठीक होने लगे थे ।

दूसरा कार्य - उन्होंने करोड़ो लोगों को #व्यसन मुक्त कराया । बीड़ी, सिगरेट, दारू बनाने वाली कंपनियों को अरबो का लॉस हुआ ।

तीसरा कार्य - उन्होंने युवाओं को #ब्रह्मचर्य का पाठ पढ़ाया,संयमी और सदाचारी जीवन जीने की शिक्षा दी। जिससे युवाओं ने फिल्म देखना, क्लबों में जाना बंद कर दिया । सेक्स सामग्री बनाने वाली कंपनियों व बॉलिवुड और क्लबो आदि को कई करोड़ों का नुकसान होने लगा ।

चौथा कार्य - उन्होंने देश भर में हजारों #बाल संस्कार के साथ साथ #गुरुकुल शिक्षा पद्धति शुरू करवाई । जिससे बचपन से ही बच्चों में #नैतिकता के संस्कार पनपने लगे । इस समय में भी उनके आश्रम द्वारा 17 हजार से ज्यादा बाल संस्कार केन्द्र और सैकड़ों #गुरुकुल चल रहे हैं । इससे ईसाईयों द्वारा संचालित कान्वेंट स्कूलों पर गहरा प्रभाव पड़ा ।

पांचवा कार्य - उन्होंने गांव-गांव जाकर हिंदुत्व का प्रचार किया और #आदिवासी इलाकों में जाकर मकान बनवाये, #भजन करो भोजन पाओ,दक्षिणा पाओ जैसी अनेकों योजनाओं द्वारा लाखों हिंदुओं की #घरवापसी कराई जिससे धर्मान्तरण वालों के लिए संत आसारामजी बापू बाधक बनें।

बापू आसारामजी के 8 करोड़ से अधिक भक्तों संयम सदाचार रहने और #व्यशन छोड़ने पर इन सबसे विदेशी कंपनियों को करोड़ों अरबों का नुकसान होने लगा और #ईसाई #मिशनरियों के धर्मान्तरण कार्य में आँख की किकरी बन खड़े हुए संत आसारामजी बापू । 

तो शुरू हुआ 2007 से #संत आसारामजी बापू के विरुद्ध षड़यंत्र जिसमें पूर्व सरकार का भी रहा बड़ा हाथ। जो वेटिकन सिटी के इशारे पर सोनिया गांधी ने काम किया ।

पर जब किसी #षड़यंत्र में षड्यंत्रकारी सफल नहीं हुए तो एक लड़की को मोहरा बना एक घिनौने #षड़यंत्र में फंसाया गया निर्दोष #संत को और उनकी छवि धूमिल करने का काम किया विदेशी फण्ड से चलने वाली भारतीय मीडिया ने ।

जग जाहिर है कि आज तक उनके खिलाफ एक भी सबूत नहीं मिल पाया है पर उनको #फंसाने के #सैकड़ों प्रमाण मिल चुके हैं । पर हमारे देश का कानून जो आतंकवादी के साथ भी उदारता का व्यवहार रखता है जो बड़े से बड़े दोषी को भी जमानत और पेरोल देता है वो 81 वर्षीय संत को उनके #मौलिक अधिकार जमानत तक से क्यों वंचित रखे हुए है ?

विचार कीजिये !!


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